बिहार के लिए कुछ बड़ा सोच रही कांग्रेस! अब न्याय संवाद यात्रा करेंगे कन्हैया, राहुल गांधी करेंगे शुरुआत
Bihar Assembly Election: बिहार में विधानसभा चुनाव है, जिसे लेकर कांग्रेस काफी सक्रिय है. इस बार कांग्रेस राज्य के चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. एक के बाद एक कई राजनीतिक फैसले लिए जा रहे हैं.

Congress Nyay Samvad Yatra: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस एक्शन मोड में दिख रही है. पार्टी नौकरी दो पलायन रोको यात्रा के बाद अब 'न्याय संवाद यात्रा' शुरू करने जा रही है. इसकी शुरुआत लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) इस वर्ष की चौथी यात्रा करके करेंगे. 15 मई से इसकी शुरुआत होगी. इसमें राहुल गांधी दरभंगा में छात्राओं को संबोधित करके इसकी शुरुआत करेंगे.
दरभंगा से होगी न्याय संवाद यात्रा की शुरुआत
पूरी जानकारी देते हुए कांग्रेस के युवा नेता कन्हैया कुमार ने मंगलवार को बताया कि 15 मई को राहुल गांधी बिहार का दौरा करेंगे और दरभंगा में न्याय संवाद यात्रा की शुरुआत करेंगे. जिस वक्त वह दरभंगा में संवाद कर रहे होंगे, उस वक्त कांग्रेस पार्टी के सभी बड़े नेता कार्यकर्ता बिहार के करीब 60 से ज्यादा जगह पर अलग-अलग संवाद करते रहेंगे. किसानों के हक की बात की जाएगी.
पत्रकारों ने एक सवाल किया कि आपकी नौकरी दो पलायन रोको यात्रा फ्लॉप हो गई. इस पर कन्हैया कुमार ने कहा कि उस यात्रा के पहले ही हमने कहा था कि यात्रा का प्रारूप चेंज होता रहेगा. पहले हमने 16 जिलों में नौकरी दो पलायन रोको यात्रा की, अब दूसरे चरण में यह यात्रा शुरू होने जा रही है, जिसका नाम न्याय संवाद यात्रा रखा गया है. इसमें पांच मुख्य तथ्य रखे गए हैं. सभी लोगों को समान शिक्षा मिलना चाहिए, बेरोजगारी दूर होनी चाहिए, निजी क्षेत्र में आरक्षण मिलना चाहिए किसानों को पूरा लाभ मिलना चाहिए, बेरोजगारों को हर हाल में नौकरी मिलनी चाहिए.
कन्हैया ने कहा कि अनुच्छेद 155 में साफ-साफ लिखा हुआ है कि निजी क्षेत्र में भी आरक्षण का प्रावधान है. वह सरकार करें इसकी मांग हम लोग उठाएंगे. केंद्र सरकार ने जाति आरक्षण करने की बात कही है, लेकिन हम मांग करते हैं कि वैज्ञानिक तरीके से जाति गणना होना चाहिए. वैज्ञानिक तरीके का मतलब यह है कि तेलंगाना मॉडल से जातीय गणना हो. उसमें हर पहलू पर पूछा गया है. किसकी कितनी आय है, कितनी जमीन है, पारदर्शीता के साथ वहां गणना की गई है. इस तरह से अगर गणना होती है तो हर लोगों को उसकी भागीदारी मिलेगी.
केजी से पीजी तक फ्री एजुकेशन पर क्या कहा?
कन्हैया कुमार में बिहार सरकार से सवाल किया कि जब सरकार का फैसला है कि केजी से पीजी तक फ्री एजुकेशन है फिर अलग-अलग कॉलेज में अलग-अलग फीस क्यों ली जाती है. जब सरकार का यह फैसला है तो उसे लागू क्यों नहीं किया जाता है. बार-बार क्यों पेपर लीक होता है, क्यों साढ़े चार लाख से ज्यादा पोस्ट खाली है, उसे क्यों नहीं भरा जाता है. बिहार सरकार रोजगार देने से ज्यादा लोगों को कर्जदार बना रही है.
बिहार में भ्रष्टाचार बढ़ा हुआ है जहां नदी नहीं है. वहां खेत में भी पुल बन जा रहा है और अपने राज्य का रोजगार, नौकरी ,डेवलपमेंट सब बिहार से गुजरात की ओर घूम रहा है, जो आरक्षण में भागीदारी होनी चाहिए वह आज भी संपूर्ण लोगों तक नहीं पहुंच रही है.
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Source: IOCL





















