एंटी पेपर लीक बिल: चिराग पासवान बोले, 'कानून को और...'
Anti Paper Leak Bill 2026: केंद्रीय मंत्री और LJP (R) के प्रमुख चिराग पासवान ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष ने लगातार विरोध और नारेबाजी कर सदन की कार्यवाही बाधित करने का प्रयास किया.

केंद्र सरकार ने सोमवार (27 जुलाई) को विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पेश कर दिया. अब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस अहम विधेयक पर चर्चा करना ही नहीं चाहता है, वो सिर्फ सियासी फायदे के लिए सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं लेकिन हमारी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी.
केंद्रीय मंत्री और LJP (R) के प्रमुख चिराग पासवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''लोकसभा में आज हमारी सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एंटी पेपर लीक (संशोधन) विधेयक, 2026 प्रस्तुत किया. लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस दौरान विपक्ष ने लगातार विरोध और नारेबाजी कर सदन की कार्यवाही बाधित करने का प्रयास किया.''
लोकसभा में आज हमारी सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री श्री @DrJitendraSingh जी ने एंटी पेपर लीक (संशोधन) विधेयक, 2026 प्रस्तुत किया।
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) July 27, 2026
लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस दौरान विपक्ष ने लगातार विरोध और नारेबाजी कर सदन की कार्यवाही बाधित करने का प्रयास किया। यह स्पष्ट करता है कि विपक्ष… pic.twitter.com/v2pRHEBXwV
'युवाओं के हितों की रक्षा के बजाय विपक्ष सियासी फायदा लेना चाहता'
उन्होंने आगे कहा, ''यह स्पष्ट करता है कि विपक्ष छात्रों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण विधेयक पर सार्थक चर्चा नहीं करना चाहता. उनकी मंशा साफ है, वो युवाओं के हितों की रक्षा करने के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए व्यवधान उत्पन्न करना. हमारी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी. एंटी पेपर लीक कानून को और अधिक कठोर बनाकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि देश के करोड़ों विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रहे.''
सांसद अरुण भारती ने एंटी पेपर लीक बिल को लेकर क्या कहा?
वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने एंटी पेपर लीक (संशोधन) विधेयक को लेकर कहा, "अब अगर भविष्य में ऐसा कुछ होता है, तो सरकार कानूनों के माध्यम से कैसे इसको सही करेगी, कितने समय में इसकी जांच होगी, कब री-टेस्ट होगा, इन पर एक प्रक्रिया बन जानी चाहिए, इन सभी मुद्दों पर हम बातचीत करेंगे. छात्रों की मांग सिर्फ परीक्षा को लेकर थी, हम जो अपनी राय रखेंगे, वो पूरी शिक्षा को लेकर रखेंगे. हम चाहते हैं कि सदन सुचारु रूप से चले, बहस हो, चर्चा हो और संवाद हो."
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