हरभजन के बहाने युवी ने ली टीम इंडिया की चुटकी, कहा- इन्हें नंबर 4 की जरूरत नहीं
युवराज का जवाब उनके पुराने साथी हरभजन सिंह के उस सवाल पर आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि घरेलू क्रिकेट में खूब रन बनाने के बावजूद सूर्यकुमार यादव को टीम में क्यों नहीं चुना गया. यादव ने विजय हजारे ट्रॉफी में अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है.

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके युवराज सिंह ने टीम इंडिया के नंबर 4 को लेकर चुटकी ली है. युवराज सिंह ने टीम में नंबर 4 को लेकर यह कहते हुए व्यंग्यात्मक कटाक्ष किया कि टीम का टॉप ऑर्डर इतना मजबूत है कि उसे नंबर चार बल्लेबाज की जरूरत नहीं है. युवराज का जवाब उनके पुराने साथी हरभजन सिंह के उस सवाल पर आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि घरेलू क्रिकेट में खूब रन बनाने के बावजूद सूर्यकुमार यादव को टीम में क्यों नहीं चुना गया.
हरभजन सिंह ने ट्वीट किया, "न जाने क्यों घरेलू क्रिकेट में जमकर रन बनाने के बाद वह भारत के लिए नहीं चुने गए. सूर्यकुमार यादव कड़ी मेहनत करते रहिए. आपका समय आ जाएगा."
Don’t know why he doesn’t get picked for india after scoring runs heavily in domestic cricket @surya_14kumar keep working hard.. your time will come pic.twitter.com/XO6xXtaAxC
— Harbhajan Turbanator (@harbhajan_singh) September 29, 2019
अनुभवी ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह के पोस्ट का जवाब देते हुए युवराज सिंह ने कहा, "यार मैंने आपसे कहा था! उन्हें कोई नंबर 4 की कोई जरूरत नहीं है. टॉप ऑर्डर बहुत मजबूत है.''
Yaar I told you ! They don’t need a no 4 top order is very strong 😄
— yuvraj singh (@YUVSTRONG12) September 30, 2019
बता दें कि सूर्यकुमार यादव ने विजय हजारे ट्रॉफी में अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है. उन्होंने छत्तीसगढ़ के खिलाफ 31 गेंदों में 81 रनों की तूफानी पारी खेली. इस पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल थे.
पिछले हफ्ते भी युवराज सिंह के एक इंटरव्यू ने बहुत हंगामा खड़ा किया था, जिसमें उन्होंने सवाल उठाया था कि यो-यो टेस्ट पास करने के बाद भी उन्हें टीम इंडिया से बाहर कर दिया गया था. युवराज ने ये भी कहा था कि सीनियर खिलाड़ियों के लिए ये काफी मुश्किल था. उन्होंने सहवाग और जहीर खान का नाम लेते हुए कहा था कि टीम मैनेजमेंट ने इन खिलाड़ियों के अंतिम दिनों में सही तरीके से व्यवहार नहीं किया.
Source: IOCL






















