IPL रद्द होने के बाद, नुकसान की भरपाई के लिए क्या BCCI एक नया टूर्नामेंट शुरू कर सकती है?
IPL रद्द होने का बाद बीसीसीआई को हजारों करोड़ रूपये का नुकसान हो सकता है. ऐसे में अगर बोर्ड चाहे तो वो एक छोटा सा टूर्नामेंट शुरू कर सकती है और बिना दर्शक के ही इस टूर्नामेंट का आयोजन करवाया जा सकता है. इसी पर आंकलन कर रहे हैं स्पोर्ट्स एडिटर जीएस विवेक.

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के चलते दुनिया के सभी खेल इवेंट्स रद्द हो चुके हैं. ऐसे में टी20 क्रिकेट का सबसे बड़ा लीग आईपीएल भी तकरीबन रद्द होने की कगार पर है. आईपीएल की शुरूआत 29 मार्च से होने वाली थी जिसे रद्द कर नई तारीफ 15 अप्रैल कर दी गई लेकिन 21 दिनों के लॉकडाउन के बाद अब ये टूर्नामेंट अपने आखिरी पड़ाव पर है. अभी तक न ही कोई मीटिंग हुई है और न ही कोई एलान. ऐसे में अगर आईपीएल रद्द होता है तो बीसीसीआई को कई हजार करोड़ रूपये का नुकसान हो सकता है. यहां अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या बीसीसीआई इसकी भरपाई के लिए कोई नया टूर्नामेंट ला सकती है?
हो सकता है कि बीसीसीआई टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए एक नया टूर्नामेंट शुरू कर दे जिसमें 4 टीमें हो और चारों के कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली और एमएस धोनी और एक कोई और हो. क्योंकि बीसीसीआई कोरोना से हुए नुकसान की भरपाई के लिए नए रास्ते की तलाश में है.
15 अप्रैल को अगर लॉकडाउन हट भी जाता है तो बीसीसीआई के पास अब न तो ऑप्शन ए, बी, सी या डी बचा है. ऐसे में आईपीएल सीजन 13 का रद्द होना अब मुमकिन है.
कुछ इस तरह का हो सकता है नया टूर्नामेंट
कोरोना के चलते न तो आईपीएल हो रहा है और न ही इंटरनेशनल क्रिकेट. ऐसे में बीसीसीआई बैठकर करेगा क्या? क्या यहां पर बीसीसीआई के पास कोई और ऑप्शन है जिससे नुकसान की भरपाई की जाए या फिर फैंस के लिए कुछ ऐसा जो ठीक आईपीएल की तरह ही हो? बीसीसीआई को यहां उन क्रिकेटर्स के लिए कुछ तो करना होगा जो काफी समय से अभ्यास और अपने स्किल्स को तेज कर रहे हैं.
रिकॉर्ड के अनुसार बीसीसीआई को ब्रॉडकास्टर्स से पैसे मिलते हैं. टीम इंडिया जितने मैच खेलती है स्टार स्पोर्ट्स बीसीसीआई को पैसे देता है. ऐसे में आईपीएल के लिए अलग कॉन्ट्रैक्ट है. वहीं बीसीसीआई को डोमेस्टिक मैचों के प्रसारण और महिला के इंटरनेशनल मैचों के प्रसारण से एक भी रूपये नहीं मिलते हैं
शामिल कर सकते हैं रिटायर्ड स्टार्स क्रिकेटर्स
ऐसे में अब बीसीसीआई जरूर ये सोच रही होगी यहां आईपीएल की तरह ही एक नए टूर्नामेंट की शुरूआत की जाए. इस टी20 फॉर्मेट में टीम इंडिया के स्टार्स को शामिल किया जाए और कोरोना से घातक समय में दर्शकों के बिना ही ये छोटे मैच करवाए जाएं. यहां रेसलिंग के सबसे बड़े फॉर्मेट यानी की रेसलमेनिया में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है जहां दर्शकों के बिना ही रेसलर्स अपना मैच खेल रहे हैं.
हालांकि यहां बीसीसीआई के लिए सबसे बड़ा चैलेंज ये हो सकता है कि इस टूर्नामेंट को दूसरे टूर्नामेंट से कैसे अलग बनाया जाए भले ही इसमें स्टार्स क्यों न हो. ऐसे में यहां इंटरनेशनल 11 की एक टीम बनाई जा सकती है और फिर उसे अलग- अलग टीमों में बांटा जा सकता है. क्योंकि भारत में आज भी ब्रायन लारा, सचिन और गिलक्रिस्ट जैसे रिटायर्ड प्लेयर्स को देखने के लिए लोग बेताब हैं और ऐसे में ज्यादा इंटरनेशनल खिलाड़ियों की बजाय कुछ इंटरनेशनल खिलाड़ियों की मदद से ही इस टूर्नामेंट को शुरू किया जा सकता है. यहां 4 टीमें होंगी जिसके कप्तान धोनी, रोहित, विराट और एक कोई और हो सकता है और फिर सभी टीमों को 2-2 मैच मिलेंगे और अंत में फाइनल मुकाबला करवाया जा सकता है. बता दें कि यहां फ्रंचाइजी का कोई रोल नहीं है क्योंकि सिर्फ 4 टीमों के बीच ही ये एक छोटा सा टूर्नामेंट हो सकता है.
इस तरीके से बीसीसीआई कुछ हद तक जो नुकसान है उसकी भरपाई कर सकती है और सबसे बड़ी बात यहां ब्रॉडकास्टर्स भी इसमें शामिल हो सकते हैं. क्योंकि भारत में क्रिकेट बिकता है और फैंस बड़े खिलाड़ियों को देखने के लिए कभी भी तैयार रहते हैं. इसके बाद बोर्ड इस टूर्नामेंट की मदद से अक्टूबर में होने वाले टी20 वर्ल्ड के लिए भी टीम इंडिया का चयन कर सकती है.
एमएस धोनी के लिए खुल सकता है रास्ता
धोनी ने चेन्नई में अभ्यास करना शुरू कर दिया था कि तभी टूर्नामेंट की तारीख आगे बढ़ा दी गई. ऐसे में टीम इंडिया में वापस आने का एक जरिया आईपीएल ही था जो रद्द हो गया तो धोनी के पास आखिरी मौका ये प्लेटफॉर्म बचेगा. इस दौरान धोनी इस टूर्नामेंट में अपने आप को साबित कर सकते हैं और अगर वो इसमें सफल हुए तो टीम उन्हें रिषभ पंत और केएल राहुल के बदले ऑस्ट्रेलिया का टिकट दे सकती है.
आईपीएल शुरू से ही फैंस के लिए भारत का टूर्नामेंट रहा है जब तक इसे ललित मोदी दक्षिण अफ्रीका लेकर नहीं गए. ऐसे में इस बार का 13वां सीजन होना बेहद मुश्किल लग रहा है. तो क्या इस तरह का कोई टूर्नामेंट हो सकता है? खैर इसका पता तो बाद में चलेगा क्योंकि इस छोटे टूर्नामेंट को फिलहाल एक उदाहरण के तौर पर पेश किया गया है, जो चैंपियंस लीग या किसी और चैलेंजर ट्रॉफी के रूप में दर्शकों के सामने परोसा जा सकता है. वहीं सौरभ गांगुली के लिए यही एक ऐसा समय है जहां वो कुछ नया कर सकते हैं. क्योंकि यहां अंत में अगर किसी का नुकसान होगा तो वो बोर्ड, फैंस, ब्रॉडकास्टर्स और खिलाड़ी हैं.





















