प्रो कबड्डी लीग: 7 अक्टूबर से होगा शुरू, जान लीजिए खेल से जुड़े सभी नियम
प्रो कबड्डी लीग: पिछले 5 सीजन में कबड्डी को लेकर लोगों के बीच लोकप्रियता काफी बढ़ी है. इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि इस सीजन में कबड्डी का रोमांच अब तक के सबसे उपरी स्तर पर होगा.

नई दिल्ली: प्रो कबड्डी लीग का छठा सीजन 7 अक्टूबर से शुरू हो रहा है. पिछले 5 सीजन में कबड्डी को लेकर लोगों के बीच लोकप्रियता काफी बढ़ी है. इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि इस सीजन में कबड्डी का रोमांच अब तक के सबसे उपरी स्तर पर रहेगा. इस बार भी कुल 12 टीमें इस टूर्नामेंट का हिस्सा हैं. 12 टीमों के बीच कुल 138 मैच खेले जाएंगे . सीजन 6 का फाइनल मुकाबला 5 जनवरी को खेला जाएगा. इससे पहले की टूर्नामेंट का रोमांच शुरू हो आइए जानते हैं कि आखिर प्रो कबड्डी लीग के नियम क्या हैं?
जानिए प्रो कबड्डी लीग के नियम
हर टीम में खिलाड़ियों की संख्या प्रो कबड्डी लीग में हर टीम में कुल 12 खिलाड़ी होते हैं. इन 12 खिलाड़ियों में केवल खिलाड़ी पाली में खेलते हैं. बचे हुए 5 खिलाड़ी सुरक्षित रहते हैं जिन्हें कप्तान किसी विशेष परिस्थिति में इस्तेमाल करता है.
रेडर किसे कहते हैं
कबड्डी-कबड्डी का उच्चारण करते हुए दूसरी टीम के पाले में जाने वाले खिलाड़ी को रेडर कहते हैं. रेडर अगर विरोधी टीम के पाले में सांस तोड़ता है तो उसे आउट करार दिया जाता है.
मैच कितनी देर का होता है
प्रो कबड्डी लीग में हर मैच 40 मीनट का होता है. दो हाफ 20-20 मिनट के होते हैं. दोनों हॉफ के बीच में 5 मिनच का ब्रेक टाइम होता है. वहीं महिलाओं के लिए दोनों हॉफ का समय 15-15 मिनट होती है.
प्रो कबड्डी के कुछ और महत्वपूर्ण नियम 1-पूरी टीम को अगर कोई दूसरी टीम आउट कर देती है तो उसे 2 अतिरिक्त अंक मिलते हैं. इस अंक को 'लोना' कहते हैं . 2- जो खिलाड़ी पहले आउट होता वह पहले जीवित होकर भी मैदान पर आता है. 3- मैच पर नजर बनाए रखने के लिए मैदान पर एक अम्पायर समेत एक टीवी अम्पायर और एक रेफरी होते हैं. 4- किसी भी खिलाड़ी का कोई शरीर का हिस्सा मैदान के बाहर टच नहीं होना चाहिए नहीं तो उसे आउट करार दिया जाता है. 5- अगर किसी टीम के एक से ज्यादा खिलाड़ी विरोधी खेमें में रेड के लिए चले जाते हैं तो रेफरी उनको वापस भेज देता है. साथ ही वह उस टीम से रेड का मौका भी छीन लेती है. 6- जो भी टीम टॉस जीतती है उसके पास विकल्प होता है कि या तो वह पहले हॉफ के लिए पाले का चुनाव करे या पहला आक्रमण करे. 7- अगर तय समय में मैच का निर्णय होता है तो ठीक है नहीं तो रेफरी दोनों टीमों को अतिरिक्त 5-5 अंक दे देते हैं.
Source: IOCL






















