IND vs NZ: 94 मीटर का छक्का, एक ओवर में 29 रन… शिवम दुबे ने की रोहित शर्मा की बराबरी, रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ नाम
विशाखापत्तनम टी20 में न्यूजीलैंड के खिलाफ शिवम दुबे ने संकट में फंसी टीम इंडिया के लिए तूफानी बल्लेबाजी की. 94 मीटर के छक्के और एक ओवर में 29 रन ठोककर दुबे ने रोहित शर्मा के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है

विशाखापत्तनम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए चौथे टी20 मैच में भले ही टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन शिवम दुबे की विस्फोटक पारी ने हर किसी का ध्यान खींच लिया. जब भारतीय टीम 215 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआती झटकों से लड़खड़ा चुकी थी, तब दुबे ने मैदान पर उतरते ही मुकाबले में जान फूंक दी.
भारत ने 63 रन के स्कोर पर अपने चार अहम विकेट गंवा दिए थे. ऐसे मुश्किल हालात में शिवम दुबे से टीम को संभालने की उम्मीद थी और उन्होंने निराश नहीं किया. दुबे ने बिना समय गंवाए आक्रामक रुख अपनाया और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर सीधा हमला बोल दिया.
ईश सोढ़ी के ओवर में की रोहित शर्मा की बराबरी
शिवम दुबे की इस पारी का सबसे यादगार पल तब आया, जब उन्होंने अनुभवी स्पिनर ईश सोढ़ी के एक ओवर में जमकर कहर बरपाया. दुबे ने इस ओवर में तीन छक्के और दो चौके जड़ते हुए कुल 29 रन बटोर लिए. इसी के साथ उन्होंने रोहित शर्मा की बराबरी कर ली है, जिन्होंने 2024 में मिचेल स्टार्क के एक ओवर में 28 रन बनाए थे. इसी ओवर में उनके बल्ले से निकला 94 मीटर का लंबा छक्का दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहा.
एक ओवर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज
युवराज सिंह - 36 रन
संजू सैमसन - 30 रन
रोहित शर्मा - 28 रन
शिवम दुबे - 28 रन
15 गेंदों में अर्धशतक, खास रिकॉर्ड में नाम
इस दौरान शिवम दुबे ने सिर्फ 15 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया. इसी के साथ उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी जड़ने वाले भारतीय बल्लेबाजों की लिस्ट में तीसरा स्थान हासिल कर लिया है. इस मामले में वे केवल युवराज सिंह और अभिषेक शर्मा से पीछे हैं. तेज रन बनाने की उनकी इस क्षमता ने उन्हें टी20 वर्ल्ड कप से पहले एक मजबूत दावेदार बना दिया है.
युवराज सिंह - 12 गेंद
अभिषेक शर्मा - 14 गेंद
शिवम दुबे - 15 गेंद
हार के बीच उम्मीद की किरण
हालांकि भारत यह मैच जीत नहीं सका, लेकिन शिवम दुबे की यह पारी टीम इंडिया के लिए एक बड़ी सकारात्मक बात रही. टॉप ऑर्डर के फेल होने के बाद दुबे ने अकेले दम पर संघर्ष किया और दिखा दिया कि मुश्किल वक्त में वे टीम के लिए मैच जिताऊ भूमिका निभा सकते हैं. उनकी यह पारी चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए भी एक मजबूत संदेश मानी जा रही है
Source: IOCL






















