'62 चौके, 10 छक्के…', एक बल्लेबाज ने अकेले ठोक दिए 501 रन, जानिए कौन है वो
जब ब्रायन लारा तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे, तब टीम का स्कोर सिर्फ 8 रन था. हालात मुश्किल थे, लेकिन लारा ने अपनी बल्लेबाजी से मैच का रुख बदल दिया.उन्होंने 427 गेंद में 501 रन की नाबाद पारी खेली.

क्रिकेट इतिहास में कुछ पारियां ऐसी होती हैं, जो सिर्फ रिकॉर्ड नहीं बनातीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बन जाती हैं. ऐसी ही एक पारी 30 साल पहले ब्रायन लारा ने खेली थी, जब उन्होंने अकेले 501 रन ठोककर पूरी क्रिकेट दुनिया को हैरान कर दिया था. यह वह पारी थी, जिसने बल्लेबाजी की सीमाओं को नए सिरे से परिभाषित किया.
डरहम के खिलाफ खेली ऐतिहासिक पारी
साल 1994, इंग्लैंड की काउंटी क्रिकेट का मैच चल रहा था. डरहम और वारविकशर के बीच मुकाबला चल रहा था. डरहम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 556 रन बनाकर पारी घोषित कर दी. जॉन मॉरिस ने दोहरा शतक जड़ते हुए 204 रनों की पारी खेली. हालांकि इसके बावजूद किसी ने नहीं सोचा था कि जवाब में वारविकशर का एक बल्लेबाज इतिहास रच देगा. जब ब्रायन लारा तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे, तब टीम का स्कोर सिर्फ 8 रन था. हालात मुश्किल थे, लेकिन लारा ने अपनी बल्लेबाजी से मैच का रुख बदल दिया.
इसके बाद जो हुआ, वह क्रिकेट के सबसे सुनहरे अध्यायों में दर्ज हो गया. लारा ने गेंदबाजों की एक नहीं चलने दी. उन्होंने संयम, तकनीक और आक्रामकता का ऐसा मिश्रण दिखाया कि फील्ड पर खड़ी डरहम की पूरी टीम बेबस नजर आई. 427 गेंदों में नाबाद 501 रन, जिसमें 62 चौके और 10 छक्के शामिल थे. खास बात यह रही कि डरहम की पूरी टीम ने जितनी बाउंड्री लगाईं, उनसे ज्यादा बाउंड्री अकेले लारा ने जड़ दीं. यह आंकड़ा ही बताने के लिए काफी है कि वह किस स्तर की पारी थी.
फर्स्ट क्लास क्रिकेट का अट्टू रिकॉर्ड
यह फर्स्ट क्लास क्रिकेट का पहला मौका था, जब किसी बल्लेबाज ने 500 रन का आंकड़ा पार किया. इससे पहले पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद का 499 रन का स्कोर सबसे बड़ा माना जाता था. लारा ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए खुद को अलग ही लीग में खड़ा कर दिया. उनकी यह पारी आज भी फर्स्ट क्लास क्रिकेट की सबसे बड़ी पारी बनी हुई है.
सचिन तेंदुलकर से होती है तुलना
ब्रायन लारा को हमेशा सचिन तेंदुलकर का समकालीन और प्रतिद्वंद्वी माना गया. जहां सचिन निरंतरता और लंबे करियर के लिए जाने जाते हैं, वहीं लारा अपनी असाधारण और बड़ी पारियों के लिए पहचाने जाते हैं. टेस्ट क्रिकेट में 400 रन बनाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज भी लारा ही हैं. 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई वह पारी भी आज तक अटूट है.
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