BCCI का टीम इंडिया के खिलाड़ियों के प्रति कड़ा रुख, ये डिमांड ठुकराई
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले बीसीसीआई ने खिलाड़ियों की फैमिली ट्रैवल से जुड़ी मांग को नामंजूर कर दिया है. बोर्ड का मानना है कि बड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ियों का पूरा ध्यान सिर्फ खेल पर होना चाहिए.

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत से ठीक पहले बीसीसीआई ने टीम इंडिया के खिलाड़ियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया है. बोर्ड ने साफ कहा है कि खिलाड़ियों को टूर्नामेंट के दौरान परिवार साथ ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी. बोर्ड का यह फैसला ऐसे समय आया है जब खिलाड़ी लंबे और दबाव भरे टूर्नामेंट के लिए तैयारी कर रहे हैं.
खिलाड़ियों ने क्यों उठाई थी मांग
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ का मानना था कि वर्ल्ड कप जैसे लंबे और दबाव वाले टूर्नामेंट में परिवार की मौजूदगी खिलाड़ियों को मानसिक मजबूती देती है. इसी सोच के साथ टीम मैनेजमेंट ने बीसीसीआई से अपील की थी कि खिलाड़ियों को अपनी पत्नी या पार्टनर के साथ ट्रैवल करने की अनुमति दी जाए, लेकिन बोर्ड ने इस सुझाव को मानने से इनकार कर दिया है.
BCCI का क्या कहना है
बीसीसीआई ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े इवेंट में खिलाड़ियों का पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर होना चाहिए. बोर्ड का मानना है कि परिवार के साथ होने खिलाड़ियों का ध्यान बट सकता है. इसलिए बोर्ड ने पुराने नियमों को ही लागू रखने का फैसला किया है.
हालांकि, बीसीसीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई खिलाड़ी निजी तौर पर अपने परिवार को साथ रखना चाहता है, तो वह ऐसा कर सकता है, लेकिन इसकी पूरी जिम्मेदारी और खर्च खिलाड़ी को खुद उठाना होगा. टीम की आधिकारिक यात्रा योजना में परिवार को शामिल नहीं किया जाएगा.
क्या हैं मौजूदा नियम
बीसीसीआई की गाइडलाइन के अनुसार, अगर कोई विदेशी दौरा 45 दिन से ज्यादा का हो, तो खिलाड़ियों को सीमित समय के लिए परिवार साथ रखने की छूट मिल सकती है. वहीं 45 दिन से कम अवधि के दौरे में यह अनुमति और भी कम समय के लिए होती है. टी20 वर्ल्ड कप का शेड्यूल इन शर्तों पर खरा नहीं उतरता, इसलिए बोर्ड ने नियम बदलने से मना कर दिया है.
ऑस्ट्रेलिया दौरे की हार के बाद बदले थे नियम
इस सख्ती की जड़ें भारत के हालिया ऑस्ट्रेलिया दौरे से जुड़ी हैं, जहां बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में टीम को निराशाजनक हार का सामना करना पड़ा था. उसी के बाद बीसीसीआई ने खिलाड़ियों के अनुशासन और फोकस को लेकर नई गाइडलाइन तैयार की थी, जो खिलाड़ियों के साथ-साथ कोच और सपोर्ट स्टाफ सब के लिए एक समान हैं.
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