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कौन था अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ 'डॉक्टर'? पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड और आतंकी संगठन अल-बद्र की पूरी कहानी

2017 में उच्च शिक्षा के बहाने पाकिस्तान गया हमजा जल्द ही आतंकी नेटवर्क का हिस्सा बन गया. बताया जाता है कि वह युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने, भर्ती कराने और हथियार नेटवर्क से जोड़ने में सक्रिय था.

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों द्वारा मारे गए हमजा बुरहान को पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड्स में से एक माना जाता था. हमजा बुरहान उर्फ अर्जुमंद गुलजार डार अल-बद्र आतंकी संगठन का स्वयंभू 'डिविजनल कमांडर' था और भारत की सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर लंबे समय से मौजूद था.

भारत सरकार ने 2022 में उसे UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया था. बताया जाता है कि वह जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों, भर्ती और हमलों की साजिश में सक्रिय भूमिका निभा रहा था. पुलवामा के खरबतपोरा रत्नीपोरा का रहने वाला अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ 'डॉक्टर' कभी 'मजहबी लड़ाई' का चेहरा बनकर उभरा, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक वह दरअसल आतंक और कट्टरपंथ का कारोबारी था. आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, 1999 में जन्मा 23 वर्षीय अर्जुमंद गुलजार डार, गुलजार अहमद डार का बेटा था और आतंकी संगठन अल-बद्र (Al-Badr) का सहयोगी सदस्य माना जाता था.

2017 में उच्च शिक्षा के बहाने पाकिस्तान गया हमजा जल्द ही आतंकी नेटवर्क का हिस्सा बन गया. बताया जाता है कि वह युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने, भर्ती कराने और हथियार नेटवर्क से जोड़ने में सक्रिय था. दक्षिण कश्मीर में उसने अपने नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया और कई किशोरों को आतंक के रास्ते पर धकेला. आरोप है कि वह युवाओं को 'शहादत' और 'सम्मान' के नाम पर बहकाता था, जबकि खुद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सुरक्षित जिंदगी जी रहा था.

2021 में अल-बद्र से दूरी बनने के बाद उसने 'लोन वुल्फ वॉरियर्स' नाम से नया नेटवर्क खड़ा किया. इस संगठन पर गैर-स्थानीय लोगों और कश्मीरी पंडितों पर हमलों की साजिश रचने के आरोप लगे. सुरक्षा एजेंसियां उसे लंबे समय से आतंक के 'मास्टर रिक्रूटर' के तौर पर देखती रही हैं.

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क्या है अल-बद्र?
अल-बद्र एक पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन है, जिसे भारत सरकार ने 2002 में प्रतिबंधित कर दिया था. इस संगठन का गठन 1998 में हुआ था. इसका घोषित उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग कर पाकिस्तान में मिलाना बताया जाता है.

अल-बद्र का मुख्यालय पाकिस्तान के मनसेहरा में माना जाता है, जबकि इसका कैंप ऑफिस मुजफ्फराबाद PoK में बताया जाता है. संगठन के ट्रेनिंग कैंप पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा, कोटली और मुजफ्फराबाद क्षेत्रों में संचालित होने की बात सामने आती रही है.

भारतीय एजेंसियों के अनुसार अल-बद्र के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और जमात-ए-इस्लामी से करीबी संबंध रहे हैं. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह संगठन कई बार लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के 'फ्रंट नेटवर्क' के तौर पर भी काम करता रहा है.

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पुलवामा और घाटी में आतंकी नेटवर्क
अल-बद्र पर जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी हमलों का आरोप है. 2018 में पुलवामा और शोपियां में हुए ग्रेनेड हमलों की जिम्मेदारी भी इसी संगठन ने ली थी. संगठन फिदायीन हमलों, हथियार तस्करी और आतंकियों की भर्ती में सक्रिय माना जाता है.

हाल के वर्षों में भारतीय सुरक्षा बलों ने इसके कई आतंकियों को मार गिराया, लेकिन पाकिस्तान लगातार इस संगठन को फिर से सक्रिय करने की कोशिश करता रहा. अब हमजा बुरहान की हत्या को इसी आतंकी नेटवर्क के भीतर चल रही अंदरूनी लड़ाई और रहस्यमय हमलों की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है.

मयंक प्रताप सिंह एक वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल न्यूज़ प्रोफेशनल हैं, जिनके पास इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 18 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उन्होंने देश के प्रमुख मीडिया संगठनों के साथ काम करते हुए ब्रेकिंग न्यूज़, पॉलिटिकल कवरेज, ग्राउंड रिपोर्टिंग और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी के क्षेत्र में मजबूत पहचान बनाई है. अपने करियर की शुरुआत से ही मयंक ने न्यूज़रूम की बदलती जरूरतों के अनुरूप टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म दोनों पर कंटेंट डेवलपमेंट और न्यूज़ मैनेजमेंट में विशेषज्ञता हासिल की. उन्होंने इंडिया टुडे ग्रुप में लंबे समय तक कार्य करते हुए राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख खबरों, विशेष श्रृंखलाओं और डिजिटल न्यूज़ पैकेजिंग पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके बाद उन्होंने GNT (Good News Today) में इनपुट लीड के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़रूम ऑपरेशन, स्टोरी प्लानिंग, रिपोर्टर कोऑर्डिनेशन और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल की जिम्मेदारियाँ संभालीं. ज़ी न्यूज़ में रहते हुए उन्होंने मल्टी-प्लेटफॉर्म न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल एंगल स्टोरीज़ और स्पेशल प्रोजेक्ट्स पर काम किया. IBN7 (वर्तमान News18 India) में इनपुट टीम का हिस्सा रहते हुए मयंक ने पॉलिटिकल, सोशल और नेशनल इश्यूज़ पर कई महत्वपूर्ण कवरेज को लीड किया. वर्तमान में मयंक सिंह ABP News में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं, जहाँ वे डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए कंटेंट स्ट्रेटेजी, ब्रेकिंग न्यूज़ मैनेजमेंट, एक्सप्लेनेर और इन-डेप्थ वेब कॉपीज़ पर विशेष ध्यान देते हैं. वे SEO-फ्रेंडली न्यूज़ लेखन, डेटा-ड्रिवन स्टोरीज़, ग्राउंड-आधारित रिपोर्टिंग और रियल-टाइम डिजिटल पब्लिशिंग में दक्ष हैं. मयंक की पत्रकारिता का फोकस राजनीति, चुनाव, सामाजिक मुद्दे, पब्लिक पॉलिसी और ग्राउंड रियलिटी आधारित रिपोर्टिंग रहा है. वे न्यूज़रूम में स्पीड, एक्युरेसी और एनालिटिकल अप्रोच के लिए जाने जाते हैं. उनका उद्देश्य डिजिटल युग में पाठकों को विश्वसनीय, तथ्यपरक और प्रभावशाली पत्रकारिता उपलब्ध कराना है.

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