अमेरिका ने ब्राजील पर लगाया 25 प्रतिशत टैरिफ, गुस्से में आगबबूला हुए राष्ट्रपति लूला, ट्रंप के लिए क्या कहा?
Donald Trump US Brazil: ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका ने ब्राजील पर टैरिफ का बोझ लाद दिया है. इसको लेकर ब्राजील के राष्ट्रपति लूला का बड़ा बयान सामने आया है.

अमेरिका ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच ब्राजील पर टैरिफ बम फोड़ दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का आदेश दिया है. यूएस ने ब्राजील पर आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा और उनकी सरकार ईमानदारी से सहयोग नहीं कर रही है. उसने लूला के लिए कहा कि वे समझौते को मानने की बजाय राजनीति कर रहे हैं.
अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने टैरिफ को लेकर एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है. उन्होंने लिखा, 'राष्ट्रपति ट्रंप ने USTR (यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव) को ब्राजील से आने वाले ज्यादातर सामानों पर 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाने का निर्देश दिया है. इस फैसले के पीछे की वजह को लेकर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए. राष्ट्रपति लूला और उनकी सरकार ने अमेरिका के साथ ईमानदारी और अच्छी नीयत से बातचीत नहीं की है.'
Today, President Trump directed USTR to impose a 25% tariff on most Brazilian imports. Let there be no confusion about why: President Lula and his government have not negotiated with the US in good faith.
— Secretary Marco Rubio (@SecRubio) July 16, 2026
His economic policies are bad for Americans and bad for Brazilians. For…
ब्राजील ने की टैरिफ को लेकर अमेरिका की आलोचना
ब्राजील ने टैरिफ के मामले को लेकर ट्रंप और अमेरिका की आलोचना की है. राष्ट्रपति लूला ने इसको लेकर एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है. उन्होंने लिखा, "हमारे देश के खिलाफ एकतरफा कदम उठाया जाना सही नहीं है. पिछले 15 सालों अमेरिका ने ब्राजील से गुड्स एंड सर्विस से 424.5 अरब डॉलर का सरप्लस हासिल किया है. 2025 में अमेरिका से आने वाले 76 प्रतिशत आयात बिना किसी इम्पोर्ट ड्यूटी के ब्राजील में प्रवेश किए और अमेरिकी प्रॉडक्ट्स पर औसत प्रभावी शुल्क केवल 3.1 प्रतिशत रहा.'
बता दें कि ट्रंप ने भारत समेत दुनिया के कई देशों पर टैरिफ लगा दिया था. अब उन्होंने ब्राजील पर टैरिफ बम फोड़ा है. ब्राजील सरकार ने कहा है कि मनमाने ढंग से लगाए गए टैरिफ के खिलाफ हम 'रिसिप्रोसिटी लॉ' का रास्ता अपनाएंगे. ब्राजील इस विवाद को विश्व व्यापार संगठन (WTO) तक लेकर जाएगा.
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