ऑपरेशन मंगूस: विस्फोटक सिगार और जहरीला मिल्कशेक... जब क्यूबा में तख्तापलट में नाकाम हुआ अमेरिका
वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप अब एक और लैटिन अमेरिकी देश में तख्तापलट करना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को आगे किया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के बाद एक बार फिर से क्यूबा पर फोकस करना शुरू कर दिया है. ट्रंप ने सुझाव दिया कि उन्हें वॉशिंगटन के साथ समझौता कर लेना चाहिए नहीं तो गंभीर आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ेगा.
ट्रंप ने रविवार (11 जनवरी) को चेतावनी दी कि क्यूबा को अब वेनेजुएला से तेल या पैसे नहीं मिलेंगे. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'क्यूबा को अब और तेल या पैसा नहीं भेजा जाएगा. मैं उन्हें सलाह देता हूं कि वे बहुत देर होने से पहले एक समझौता कर लें.'
क्यूबा की सरकार पतन के कगार पर- ट्रंप
ट्रंप ने तर्क दिया कि वेनेजुएला के समर्थन के बिना क्यूबा की सरकार पतन के कगार पर है. उन्होंने पहले कहा था कि मुझे नहीं लगता कि हमें कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता है क्योंकि वेनेजुएला के तेल के बिना क्यूबा का अपने आप ही पतन हो जाएगा. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक कदम आगे बढ़कर संकेत दिया कि वॉशिंगटन शायद चुपचाप हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठेगा.
रुबियो ने एनबीसी के ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में कहा कि अगर मैं हवाना में रहता और सरकार में होता तो मुझे चिंता होती. बाद में ट्रंप ने एक पोस्ट को रीपोस्ट किया, जिसमें सुझाव दिया गया था कि रुबियो एक दिन क्यूबा के नेता बन सकते हैं. ट्रंप ने कहा मुझे तो यह सही लगता है.
वेनेजुएला के तेल पर निर्भर रहा है क्यूबा
क्यूबा पर दोबारा ध्यान केंद्रित करने का कारण अमेरिकी सैन्य अभियान है, जिसके कारण वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया गया. वहीं, कई सालों से क्यूबा अपनी अर्थव्यवस्था चलाने के लिए वेनेजुएला के तेल पर निर्भर रहा है और बदले में सुरक्षा और मेडिकल कर्मियों का आदान-प्रदान करता रहा है. मादुरो को सत्ता से हटाने और ट्रंप के वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज पर तेल आपूर्ति को लेकर दबाव डालने के बाद क्यूबा गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है. क्यूबा कई सालों तक वेनेजुएला से मिलने वाले तेल और धन पर निर्भर रहा है इसलिए भी इसे कठिन परिस्थितियों से जूझना पड़ रहा है.
ऑपरेशन मंगूस (1961-62)
क्यूबा में पहली बार नहीं है कि अमेरिका अपना इंटरेस्ट दिखा रहा है. इससे पहले भी 1961-62 की कहानी भी इसी तरह के एक ऑपरेशन की है. अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी ने क्यूबा शासन को अस्थिर करने के मकसद से आर्थिक तोड़फोड़, मनोवैज्ञानिक युद्ध के लिए एक गुप्त ऑपरेशन को मंजूरी दी थी. दस्तावेजों से पता चलता है कि सीआईए की कुछ योजनाएं विचित्र थीं.
विस्फोटक सिगार: एक सिगार, जिसमें विस्फोट करने के लिए जाल बिछाया गया था.
ज़हरीला मिल्कशेक: हवाना लिब्रे होटल में कास्त्रो के पेय में ज़हर की गोली मिलाई जानी थी.
ज़हरीला डाइविंग सूट: वायरस से भरा एक वेटसूट और दूषित श्वास उपकरण.
विस्फोटक सीप: एक चमकीले रंग की सीप, जिसे उस जगह विस्फोट करने के लिए तैयार किया गया था, जहां कास्त्रो गोता लगाना पसंद करते थे.
पूर्व प्रेमिका की साजिश: एक पूर्व प्रेमिका को उन्हें जहर देने के लिए कहा गया था. बताया जाता है कि कास्त्रो ने उसे बंदूक दी और गोली मारने को कहा, लेकिन उसने इनकार कर दिया.
इनमें से कई योजनाएं अव्यावहारिक या अत्यधिक जोखिम भरी बताकर खारिज कर दी गईं और आगे नहीं बढ़ पाईं. बता दें कि 1962 से अमेरिका ने आर्थिक दबाव बनाने के लिए क्यूबा पर व्यापार प्रतिबंध लगा रखा है.
ये भी पढ़ें
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























