UAE-US Relations: ईरान के हमलों से बढ़ी बेचैनी! UAE-अमेरिका के बीच फोन पर हुई बात, क्या खत्म होगी जंग?
UAE-US Relations: ईरान में जारी जंग के बीच UAE और अमेरिका के राष्ट्रपतियों ने बात की. इस दौरान उन्होंने ईरानी हमलों पर चिंता जाहिर और एक-दूसरे की मदद करने का भारोसा दिलाया.

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई. इस बातचीत में मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के हालात और उसके असर पर चर्चा की गई. सरकारी एजेंसी WAM के अनुसार, दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव और उसके क्षेत्रीय और वैश्विक शांति पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई.
यूएई की तरफ से कहा गया कि ईरान लगातार हमले कर रहा है, जो आम लोगों, नागरिक ठिकानों और जरूरी ढांचे को निशाना बना रहे हैं. इसे देशों की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया गया है. इस पर राष्ट्रपति ट्रंप ने इन हमलों की निंदा की और कहा कि अमेरिका यूएई और क्षेत्र के अन्य देशों के साथ खड़ा है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इन देशों की सुरक्षा, स्थिरता और अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए पूरा समर्थन देगा.
UAE और अमेरिका की बात क्यों है अहम
संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका के बीच में बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब मिडिल ईस्ट में युद्ध विकराल रूप ले चुका है और कई देशों के बीच टकराव की स्थिति बनती जा रही है. इस बातचीत से साफ है कि अमेरिका और यूएई इस मुद्दे पर एक साथ खड़े हैं और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं.
UAE और अमेरिका के संबंध
UAE और अमेरिका के संबंध मिडिल ईस्ट की राजनीति में बहुत अहम माने जाते हैं. यह रिश्ता समय के साथ मजबूत हुआ है और इसमें सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा और तकनीक जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं. इन रिश्तों की शुरुआत 1971 में यूएई के बनने के बाद हुई. उसी समय अमेरिका ने जल्दी ही यूएई के साथ अपने कूटनीतिक संबंध बना लिए. शुरुआत से ही दोनों देशों के बीच व्यापार और सुरक्षा को लेकर सहयोग बढ़ने लगा. सुरक्षा के मामले में यूएई, अमेरिका का एक बड़ा सहयोगी है. अमेरिका की सेना यूएई में मौजूद रहती है, जैसे अल धाफरा हवाई अड्डा. अमेरिका यूएई को आधुनिक हथियार, सैन्य ट्रेनिंग और नई रक्षा तकनीक देता है, जिससे यूएई की सुरक्षा मजबूत होती है.






















