पुलवामा हमला: सिद्धू की सलाह- बातचीत के जरिए इसका स्थायी समाधान होना चाहिए
कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ये एक निंदनीय और कायरतापूर्ण हमला है. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि बातचीत के जरिए इसका स्थायी समाधान होना चाहिए.

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 40 जवानों को ख़ोने का ग़म देश भर में छाया हुआ है. इस पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. इस बीच कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ये एक निंदनीय और कायरतापूर्ण हमला है. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि बातचीत के जरिए इसका स्थायी समाधान होना चाहिए.
सिद्धू ने कहा, "ये निंदनीय है, ये एक कायराना हरकत है. बातचीत के जरिए इसका स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए." सिद्धू ने सवाल खड़ा किया कि जवान कब तक अपनी जानें गंवाते रहेंगे? उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने ये किया है उन्हें ज़रूर सज़ा दी जानी चाहिए. वहीं, संयम बरतने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि गालियां देने से कोई फायदा नहीं होगा.
Navjot Singh Sidhu: It is condemnable, it's a cowardly act. It needs a permanent solution through dialogue, how long will the Jawans sacrifice their lives? How long will the bloodshed continue? People who do this must be punished. Hurling abuses won't help. #PulwamaAttack pic.twitter.com/R927il2bx1
— ANI (@ANI) February 15, 2019
इसके पहले आज कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पुलवामा हमले की निंदा करते हुए कहा कि पूरा विपक्ष सरकार के साथ खड़ा है. राहुल गांधी ने कहा कि देश को कोई भी शक्ति तोड़ नहीं सकती, बांट नहीं सकती. राहुल गांधी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''आतंकवाद का उद्देश्य देश को बांटना है, इस देश को कोई भी शक्ति बांट या तोड़ नहीं सकती है. इस मुद्दे पर पूरा विपक्ष सुरक्षाबलों और सरकार के साथ खड़ा है. ये बहुत भयावह त्रासदी है. आतंकवाद का एक ही मकसद होता है कि देश को बांटा जाए. हमारे सुरक्षा बलों के खिलाफ इस प्रकार की हिंसा बेहद घृणित है.''
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह भी मौजूद थे. उन्होंने कहा, ''हमारे देश ने 40 जवानों को खो दिया है. कांग्रेस पार्टी हमारे जवानों और उनके परिवारों के साथ पूरी तरह से खड़ी है. हम राष्ट्र को एकजुट रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे.''
कब और कैसे हुआ हमला ये हमला कल जम्मु-कश्मीर के पुलवामा में हुआ. जानकारी के मुताबिक करीब 78 बसों में 2500 से ज़्यादा जवान जम्मू से श्रीनगर जा रहे थे. आतंकियों को इस रूट पर जवानों की गाड़ियों के मूवमेंट की जानकारी पहले से थी और उसी का फायदा उठाते हुए बड़े आंतंकी हमले को अंजाम दिया गया. एक आतंकी विस्फोटकों से भरी गाड़ी लेकर सीआरपीएफ की एक बस से टकरा गया और फिर कानों को सुन्न कर देने वाला धमाका हुआ. इसी धमाके ने देश के 40 जवानों को एक झटके में छीन लिया.
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