ईरान की सत्ता में दरार! राष्ट्रपति पेजेशकियन बोले- 'सुप्रीम लीडर से बात करना...'
Iran: ईरान में सत्ता के भीतर मतभेद की खबरों के बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि सुप्रीम लीडर मुज्बता खामेनेई से बातचीत करना मुश्किल हो गया है.

ईरान की सत्ता के भीतर मतभेद की खबर सामने आ रही है. इस बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि इस समय देश के सुप्रीम लीडर मुज्बता खामेनेई से बात करना आसान नहीं है. उनका कहना है कि मौजूदा हालात की वजह से उनसे सीधे बातचीत करना काफी मुश्किल हो गया है. मुज्बता खामेनेई हाल ही में अमेरिका और इजरायल के हमले में घायल हो गए थे. इसी हमले के बाद पश्चिम एशिया में बड़ा युद्ध शुरू हुआ था. उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की भी उसी हमले में मौत हो गई थी. इसके बाद से मुज्बता खामेनेई सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं.
ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि भले ही मुज्बता खामेनेई लोगों के सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन ईरान की जवाबी कार्रवाई में उनकी भूमिका बहुत अहम है. उन्होंने कहा कि उनकी मौजूदगी देश के लिए बड़ी ताकत है और इससे सरकार को आगे काम करने का हौसला मिलता है. समाचार एजेंसी AFP के मुताबिक, पेजेशकियन ने कहा, "इस समय उनसे बातचीत करना बहुत मुश्किल है, लेकिन किसी भी स्थिति में उनकी मौजूदगी हमारे लिए बहुत बड़ी ताकत है, जिससे हम अपना काम जारी रख सकते हैं."
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मुज्बता खामेनेई को लेकर अटकलें जारी
मुज्बता खामेनेई ने अब तक सिर्फ लिखित बयान जारी किए हैं. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के दौरान उनका सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आना लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है. इससे सरकार के दूसरे बड़े नेताओं के साथ उनके रिश्तों को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. खास बात यह भी रही कि वह पिछले महीने अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी नजर नहीं आए थे. राष्ट्रपति पेजेशकियन ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए मुज्बता खामेनेई का बचाव किया. उन्होंने कहा कि उनकी कई अच्छी मुलाकातें हुई हैं और हर बार उन्होंने बहुत शांति, समझदारी और अच्छे तर्क के साथ बातचीत की है. उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से मौजूदा हालात कुछ लोगों को उनके बारे में गलत बातें फैलाने और उनकी अलग इमेज पेश करने का मौका दे रहे हैं."
ईरान की राजनीति में अंदरूनी मतभेद
ईरान की राजनीति में अंदरूनी मतभेद की खबरें भी सामने आ रही हैं. कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि मुज्बता खामेनेई ने राष्ट्रपति पेजेशकियन को आखिरी चेतावनी दी है और युद्ध से जुड़े अहम फैसलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर अहमद वहीदी का समर्थन किया है. इजरायली चैनल 14 ने तेहरान के सूत्रों के हवाले से दावा किया कि मोजतबा खामेनेई ने राष्ट्रपति पेजेशकियन को इस्तीफा देने की किसी भी नई कोशिश से रोक दिया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे राष्ट्रपति का सबसे बड़ा राजनीतिक दबाव बनाने वाला हथियार खत्म हो गया है. रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेशकियन पहले भी कई बार सरकार की नीतियों से असहमति जताते हुए इस्तीफे की धमकी दे चुके थे. मई महीने में उन्होंने औपचारिक रूप से इस्तीफा देने की भी कोशिश की थी. उनका आरोप था कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति जैसे बड़े फैसलों से उनके प्रशासन को पूरी तरह अलग रखा जा रहा है.
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