India Vs Malaysia Currency: इस मुस्लिम देश में कमाएंगे 1 लाख तो भारत में आकर हो जाएंगे कितने? वैल्यू उड़ाएगी होश
मलेशिया की आधिकारिक मुद्रा रिंगिट (Malaysian Ringgit - MYR) है. जानिए 1 रिंगिट की भारतीय रुपये में कीमत, वहां की करेंसी सिस्टम और मलेशिया में सैलरी की भारत में वैल्यू कितनी होती है.

मलेशिया एशियाई देश है, जहां इस्लाम धर्म को मानने वाले सबसे ज्यादा रहते हैं. अगर यहां की करेंसी की बात करें तो यहां की आधिकारिक मुद्रा रिंगिट (Malaysian Ringgit - MYR) है, जिसे सामान्य तौर पर RM के रूप में लिखा जाता है. यह दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे स्थिर और भरोसेमंद मुद्राओं में से एक मानी जाती है. देश में RM1, RM5, RM10, RM20, RM50 और RM100 के नोट प्रचलन में हैं, जबकि सिक्के (जिन्हें Sen कहा जाता है) 5, 10, 20 और 50 सेन के तौर पर उपलब्ध हैं.
वाइस डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक 1 Malaysian Ringgit की वैल्यू भारत में 20.76 रुपये के बराबर है. हालांकि, यह दर डॉलर इंडेक्स और वैश्विक बाजार की स्थिति पर निर्भर करती है, इसलिए इसमें हल्का उतार-चढ़ाव संभव है. इस हिसाब से देखा जाए तो अगर कोई भारतीय मलेशिया में 1 लाख रिंगिट की सैलरी कमाता है तो भारत में आकर उसकी कीमत 20 लाख 75 हजार हो जाएगा, जो भारत में काफी अच्छी कमाई मानी जाती है.
भारत और मलेशिया के खर्च में अंतर
मलेशिया में जीवन-यापन की लागत (Cost of Living) भारत की तुलना में थोड़ी अधिक है. कुआलालंपुर में एक बेडरूम अपार्टमेंट का किराया RM1500 से RM2500 तक होता है, जबकि भारत में ऐसी संपत्ति ₹20,000–₹30,000 के आसपास मिल जाती है. पेट्रोल और सार्वजनिक यात्रा की लागत भारत से थोड़ी कम है. निजी अस्पताल और हेल्थ इंश्योरेंस महंगे हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता उच्च स्तर की है. अंतरराष्ट्रीय स्कूलों की फीस भारत की तुलना में लगभग दोगुनी या तिगुनी हो सकती है. इसके बावजूद, अगर तुलना सिंगापुर या दुबई जैसे शहरों से की जाए तो मलेशिया किफायती और सुलभ विकल्प साबित होता है.
भारतीय पेशेवरों के लिए मलेशिया में रोजगार के अवसर
मलेशिया की अर्थव्यवस्था अब तकनीकी, सेवा और औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से विकसित हो रही है. इस कारण भारतीय पेशेवरों की मांग भी लगातार बढ़ी है. आईटी, इंजीनियरिंग, फाइनेंस और हेल्थकेयर ऐसे सेक्टर हैं जहां भारतीय विशेषज्ञ बड़ी संख्या में कार्यरत हैं. मलेशिया सरकार इन क्षेत्रों में वर्क वीजा नीति को लचीला बनाए हुए है, ताकि विदेशी स्किल्स से स्थानीय उद्योगों को गति दी जा सके.
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Source: IOCL





















