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China News: चीन का 'घिनौना' रूप, बीजिंग को बचाने के लिए 6 लाख लोगों को डुबा रहा 'ड्रैगन', जानिए क्यों

Beijing Floods: चीन अपनी राजधानी बीजिंग को बचाना चाहता है. इसके लिए वह किसी भी हद तक जाने को तैयार है. आइए जानते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है.

China Floods: चीन के एक ऐसा मुल्क है, जो अपने मंसूबों को अंजाम देने के लिए अपने नागरिकों की 'बली' चढ़ाने से भी नहीं चूकता है. ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां उसने अपने नागरिकों के ऊपर जुल्म ढाए. थियानमेन चौक नरसंहार तो सभी को याद है, जब चीन ने निहत्थे लोगों पर गोलियां बरसाईं. ठीक ऐसा ही एक बार फिर से किया जा रहा है, मगर इस बार गोलियों से नहीं, बल्कि पानी के जरिए. 

दरअसल, राजधानी बीजिंग को बचाने के लिए चीन 6 लाख से ज्यादा लोगों को पानी में डुबाने की तैयारी कर रहा है. इस बात के संकेत खुद चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने दिए हैं. चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के एक अधिकारी ने कहा है कि बीजिंग को बाढ़ से बचाने के लिए झुओझुओ शहर समेत अन्य बाढ़ प्रभावित इलाकों को राजधानी के लिए एक 'खाई' के तौर पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए, जहां पानी भरा जा सके. 

क्या है चीन का पूरा प्लान?

'खाई' वाला बयान देने वाले नी युईफेंग हेबई प्रांत के कम्युनिस्ट पार्टी सेक्रेटरी हैं. हेबई प्रांत की सीमाएं तीन तरफ से राजधानी बीजिंग से लगती हैं. इस प्रांत के झुओझुओ जैसे कई शहर बीजिंग से सटे हुए हैं. नी ने कहा कि बीजिंग को बाढ़ से बचाने के लिए 'फ्लड स्टोरेज' और 'डिटेंशन एरिया' का इस्तेमाल किया जाएगा, जो किसी खाई की तरह होगा और वहां पानी छोड़ा जाएगा. 

'फ्लड डिटेंशन बेसिन' ऐसी जगहों को कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल बाढ़ के पानी को स्टोर करने के लिए किया जाता है. यहां पर धीरे-धीरे पानी को रिलीज किया जाता है, ताकि किसी शहर को डूबने से बचाया जा सके. झुओझुओ शहर समेत आसपास के कई शहरों को 'फ्लड डिटेंशन बेसिन' बनाने की तैयारी चल रही है, ताकि राजधानी बीजिंग और उसके पास के कमर्शियल हब को डूबने से बचाया जा सके.

बाढ़ की वजह से कैसे हैं हालात?

दरअसल, हाल ही में आए डोक्सुरी तूफान की वजह से उत्तर-पूर्व चीन में बुरी तरह नुकसान हुआ है. हजारों की संख्या में घर तबाह हुए हैं और लाखों लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना पड़ा है. झुओझुओ की आबादी छह लाख है और इसके आस-पास के इलाकों में भी लाखों लोग रहते हैं. भारी बारिश की वजह से यहां पर बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. बाढ़ की वजह से सीधे तौर पर 1.5 लाख के करीब लोग प्रभावित हैं. 

बाढ़ के चलते कई पुल टूट गए हैं और पावर सप्लाई कट गई है. सड़कें पानी से लबालब भर गई हैं. हेबई प्रांत में 12 लाख लोगों को रिलोकेट किया गया है. जिन इलाकों को 'फ्लड स्टोरेज' नामित किया गया है, वहां से 8.5 लाख लोग रिलोकेट हुए हैं. चीन में राजधानी के अलावा तियानजेन जैसे बड़े शहरों को बाढ़ से बचाने के लिए प्राथमिकता दी जा रही है और झुओझुओ जैसे छोटे शहरों में पानी छोड़ा जा रहा है.

जिनपिंग के 'प्रोजेक्ट' को बचाना भी मकसद

चीन के जल संसाधन मंत्री ली ग्युयिंग ने कहा है कि बीजिंग के डाक्सिंग एयरपोर्ट और शोंगयांग शहर को बचाने का काम किया जाना चाहिए. शोंगयांग चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का ड्रीम प्रोजेक्ट है. इस शहर को एक नए इकोनॉमिक हब के तौर पर तैयार किया जा रहा है. बीजिंग में 140 साल के इतिहास में सबसे ज्यादा बारिश हुई है, जिसकी वजह से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. 

लोगों से गुजारिश की जा रही है कि वे सरकार के प्लान का समर्थन करें. चीन के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के पूर्व संपादक हू शिजिन ने चीन के ट्विटर कहे जाने वाले प्लेटफॉर्म वीबो पर लिखा कि बीजिंग के सटे इलाकों में पानी इसलिए छोड़े जाने का प्लान बनाया गया है, ताकि राजधानी को सुरक्षित किया जा सके. ऐसा होगा तो देश चलाना ज्यादा आसान होगा. लोगों को सरकार के प्लान का सपोर्ट करना चाहिए. 

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