एजेंला मर्केल साल 2021 में जर्मन चांसलर के पद से देंगी इस्तीफा
मार्केल ने इसके साथ ही ये भी कहा कि चांसलर रहते हुए करीब 13 साल हो गए हैं. इस दौरान उन्हें हर दिन नया चैलेंज और सम्मान मिला.

बर्लिन: कई राजनीतिक संकटों और क्षेत्रीय चुनावों में पराजय से गठबंधन के ढुलमुल स्थिति में आने के बाद अब एंजेला मर्केल जर्मन चांसलर के पद से साल 2021 में अपना कार्यकाल पूर होने के बाद हट जाएंगी. पार्टी के एक सूत्र ने बताया कि उन्होंने अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं से कहा कि 2021 तक का उनका कार्यकाल आखिरी कार्यकाल होगा. सूत्र के मुताबिक, उनकी उसके बाद यूरोपीय आयोग में कोई पद पाने की योजना नहीं है जैसी अटकलें थी.
मर्केल ने पहले अपनी मध्य दक्षिणपंथी क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स से कहा था कि नए नेतृत्व के लिए दिसंबर में कांग्रेस में पार्टी अध्यक्ष के लिए वह फिर मैदान में नहीं उतरेंगी. उन्होंने अपने पार्टी मुख्यालय में कहा, "आज नया अध्याय शुरू करने का वक्त है."
मार्केल ने इसके साथ ही ये भी कहा कि चांसलर रहते हुए करीब 13 साल हो गए हैं. इस दौरान उन्हें हर दिन नया चैलेंज और सम्मान मिला, लेकिन वह एक नया अध्याय शुरु करने का समय था. सीडीयू चेयरमैन अभी 64 साल की हैं और वो साल 2005 से जर्मनी के चांसलर पद पर आसीन हैं.
Angela Merkel says this will be her final parliamentary term as German Chancellor: AP pic.twitter.com/NXRDUrIDoP
— ANI (@ANI) October 29, 2018
पार्टी के उत्तराधिकारी के तौर पर अभी महासचिव एनेग्रेट क्रैम्प-करनबॉउर को देखा जा रहा है. इस पद के लिए उन्होंने सोमवार को आधिकारिक तौर उम्मीदवारी की घोषणा भी कर दी.
वहीं, जर्मन मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्व सांसद फ्रेडरिक मेर्ज़ भी इस रेस में शामिल है. फ्रेडरिक सीडीयू और सीएसयू गठबंधन के नेता भी हैं. दूसरी तरफ कैबिनट मंत्री जेन्स स्पैन और आर्मीन लैसचेट के नाम भी इस पद के लिए चर्चा में है.
मार्केल के इस्तीफे की मांग सबसे पहले एफडीपी पार्टी के नेता क्रिश्चियन लिंडनर ने मीडिया के जरिए उठाई थी. उन्होंने ये भी कहा था कि जर्मनी में एक नई शुरुआत के लिए तैयार रहें.



















