उद्धव सरकार ने मत्रियों के लिए लग्जरी गाड़ियां खरीदने की इजाजत दी, बीजेपी ने साधा निशाना
कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र सरकार के मंत्री विजय वेदट्टीवार ने कहा था कि सरकारी कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए लोन लेना होगा. अब जब राज्य सरकार ने महंगी गाड़ियां खरीदने की इजजात दी तो बीजेपी ने निशाना साधा.

मुंबई: कोरोना संक्रमण का केंद्र बन चुके महाराष्ट्र में सरकारी कर्मचारियों को अगले महीने वेतन देने को लेकर संशय बना हुआ है. दो दिन पहले ही में महाराष्ट्र में राहत और पुनर्वास मंत्री विजय वेदट्टीवार ने पुणे में कहा था कि उन्हें केन्द्र सरकार से भी कोई आर्थिक राशि नहीं मिली है और ऐसे में सरकारी कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए लोन लेना होगा.
वेदट्टीवार ने पुणे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि राज्य की स्थिति ऐसी है कि हमें अगले महीने सरकारी कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने के लिए कर्ज लेना पड़ेगा. तीन-चार विभागों को छोड़कर अन्य विभागों में खर्च में कटौती की गई है.’’
एक तरफ मंत्री विजयवेदट्टीवार ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के पास पैसा नहीं है तो वहीं शुक्रवार 3 जुलाई को शिक्षा और खेल विभाग की ओर से जारी किए गए जीआर के अनुसार अब शिक्षा और खेल विभाग 22 लाख के कीमत वाले पांच लग्जरी गाड़ियों को मंत्री और दूसरे अधिकारियों के लिए खरीदने वाला है जिसकी इजाज़त मुख्यमंत्री कार्यालय से मिल चुकी है.
एबीपी न्यूज़ के पास उपलब्ध महाराष्ट्र सरकार के स्कूल शिक्षा व खेल विभाग द्वारा जारी जीआर के मुताबिक, राज्य सरकार ने सेवेन सीटर छह इनोवा क्रिस्टा कार खरीदने का फैसला किया है. इनोवा क्रिस्टा के एक कार की कीमत 22,83,086 रुपए बताया गया है. यह कार मुम्बई के लोअर परेल इलाके के मधुबन मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड से खरीदना तय हुआ है. एक करोड़ से अधिक कीमत के वाहनों को खरीदने की इजाज़त मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दी है.
बीजेपी प्रवक्ता राम कदम ने महाराष्ट्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि महाराष्ट्र की जनता को एक पैसे की भी सहायता न देने वाली राज्य सरकार अब मंत्रियों के लिए करोड़ों रुपये की कार ख़रीदने जा रही है. कर्मचारियों के वेतन देने के लिए भी पैसा नहीं है, ऐसा कहकर पुलिस कर्मचारियों की भी वेतन काटने वाली महाराष्ट्र विकाश आघाड़ी सरकार पहले कर्मचारियों का वेतन देना सुनिश्चित करे.
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