बिहार: मुजफ्फरपुर कांड के विरोध में तेजस्वी सहित महागठबंधन के नेताओं ने किया राजभवन का मार्च, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
तेजस्वी यादव ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि ये शर्मनाक है कि सरकार दोषियों को बचाने में लगी है. तेजस्वी ने कहा कि सरकार का कर्तव्य है कि वह अपराधियों को दंडित करे लेकिन सरकार स्वयं अपराधियों को बचा रही है.

पटना: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के सभी नेताओं ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के खिलाफ राजभवन मार्च किया. इस दौरान तेजस्वी यादव के साथ पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, प्रेमचंद मिश्रा, भाई बीरेंद्र समेत कई अन्य नेताओं ने राज्यपाल लालजी टंडन से मिलकर ज्ञापन सौंपा.
इस दौरान तेजस्वी यादव ने राज्यपाल को दिए ज्ञापन में बताया कि सरकार द्वारा संचालित मुजफ्फरपुर, मधुबनी, सुपौल के आश्रयगृहों में रहने वाले निःसहाय बच्चे-बच्चियों एवं महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया गया. दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाए, राज्य सरकार दोषियों और अधिकारियों को बचाने में लगी है.
तेजस्वी यादव ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि ये शर्मनाक है कि सरकार दोषियों को बचाने में लगी है. तेजस्वी ने कहा कि सरकार का कर्तव्य है कि वह अपराधियों को दंडित करे लेकिन सरकार स्वयं अपराधियों को बचा रही है. अब यह स्पष्ट है कि सरकार राज्य के नागरिकों को न्याय दिलाने में दिलचस्पी नहीं ले रही है. उन्होंने मुजफ्फरपुर गृह कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की कॉल रिकॉर्ड भी सार्वजनिक करने की मांग की.
गौरतलब है कि गुरुवार को शीतकालीन सत्र के चौथे दिन विधानसभा की कार्यवाही प्रारंभ होते ही विपक्ष के सभी सदस्य मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में बालिकाओं के साथ हुए दुष्कर्म मामले को लेकर हंगामा कर रहे थे. विपक्षी दल इस मामले को ले सदन में चर्चा कराने को ले हंगामा कर रहे थे.
तेजस्वी यादव ने कहा, ''आज हमलोगों ने राज्यपाल से समय मांगा था. जिस प्रकार से लगातार राज्य सरकार को गंभीर हो के जांच करना चाहिए था. जिस प्रकार से एक्शन लेना चाहिए था. दोषियों पर कार्यवाई करना चाहिए था और एक कार्यवाई ना करके बल्कि अपराधियों को बचने में लग गए. बिहार सरकार के कई ऐसे मंत्री जिनकी पूरी तरह से संलिप्ता है उनको बचने का प्रयास किया जा रहा है. बड़े-बड़े अधिकारियों को बचने का प्रयास किया जा रहा है. आज नीतीश कुमार जी उनलोगों को संरक्षण देने का काम कर रहे हैं जिन्होंने बेसहारा बच्चियों के साथ दरिंदगी करने का काम किया. हमलोगों ने लगातार इस मसले को उठाया और आज के दिन भी विपक्ष के लोगों ने कार्य स्थगन का प्रस्ताव लाया.''
आरजेडी ने कहा, ''इससे बड़ा धोखा जहां सुप्रीमकोर्ट आपको हर दिन फटकार लगा रही है और ये बोल रही है कि आप गंभीर हो जाईये और वहीं बिहार के मुख्यमंत्री गंभीर होने के बजाए सदन के अंदर नहीं आते हैं, जवाब नहीं देते हैं. प्रश्नकाल उत्तर का पूरा होम डिपार्टमेंट पूरे वर्ग को ही खत्म कर दिया जाता है. ताकि कोई सवाल जवाब ना पूछा जाए. हमलोग यही मांग करने आए थे जो राज्य सरकार को जो रवैया है जिस प्रकार पुलिस पर प्रेसर राज्य सरकार पॉलिटिकल बना रही है पोलिटिकली वेनडेटा बचाओ और किसको फंसाओ. इसी काम में नीतीश कुमार लगे हुए हैं.''
तेजस्वी यादव ने कहा कि जनता दल यूनाइटेड के विधायक ने रंगदारी वसूलने का काम किया पता नहीं एफआईआर हुआ की नहीं. तुरंत होना चाहिए था कि नहीं होना चाहिए था ये तो पुलिस प्रशासन बताएगी. लेकिन क्यों नहीं हुआ किसके दबाव में नहीं हुआ. जिस प्रकार से ब्रजेश ठाकुर का जो एफआईआर था उसमें नाम नहीं जोड़ा गया वो भी दो महीने बाद एफआईआर होता है. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि राज्य सरकार ने एफआईआर भी ढ़ंग का नहीं किया है. इसमें जो एक्ट पोस्को है 377 वो लगाया जाएं. हम तो बिहार पुलिस पर भरोसा करते हैं.
























