जेडीयू और आरजेडी के बीच वार पलटवार जारी, 'कुत्ते' तक पहुंची लड़ाई
दरअसल आरजेडी ने एक ट्वीट किया. इस ट्वीट में 'नीतीश के पांच पालतू कुत्ते' जैसे शब्द का इस्तेमाल किया गया. इस ट्वीट में आरजेडी ने कुत्ते वाला इमोजी भी लगाया. पूरा मामला बिहार में शुरू होने वाली आरजेडी की रथ यात्रा से है.

नई दिल्ली: बिहार में इस साल के अंत में चुनाव है और अभी से ही पार्टियां एक दूसरे पर वार पलटवार कर रही हैं. चुनाव में भले समय हो लेकिन गाली की राजनीति बिहार में गरम है. जेडीयू और आरजेडी के बीच की ये लड़ाई अब कुत्ते तक पहुंच गई है.
दरअसल, लालू यादव की पार्टी आरजेडी ने 15 फरवरी को एक ट्वीट किया. आरजेडी ने अंग्रेजी में ये ट्वीट किया. इसका हिंदी मतलब ये है, ''अब नीतीश के पांच पालतू किस मुद्दे पर भौकेंगे? बिहार के पत्रकार उन पांच पालतू के नाम जानते हैं.'' ट्वीट के साथ कुत्ते का इमोज़ी भी लगाया है.

जिस खबर को लेकर आरजेडी ने ये ट्वीट किया वो खबर तेजस्वी की यात्रा के रथ के विवाद की है. जेडीयू के नेता कई दिनों से आरोप लगा रहे हैं कि तेजस्वी ने आर्थिक जालसाजी करके रथ का इंतजाम किया है. जेडीयू ने आरोप लगाया था कि जिस मंगल पाल नाम का आदमी रथ का मालिक है वो बीपीएल धारी है. यानी उसकी इतनी हैसियत नहीं है कि वो 30 लाख की गाड़ी खरीद सके. बीते शनिवार को मंगल पाल नाम का आदमी सामने आया और उसने जेडीयू के दावे को गलत कह दिया. इसी के बाद लालू की पार्टी ने कुत्ते वाला ट्वीट किया. खुद तेजस्वी भी ये कहते हुए बचाव में उतरे कि रथ किराये पर ली गई है.
तेजस्वी ने पार्टी को जवाब देने के लिए जब अधिकृत किया तो पार्टी ने कुत्ते वाले इस ट्वीट के जरिये विवाद को बढ़ा दिया. फिर जेडीयू की ओर से पलटवार हुआ. उसी पलटवार में एक कदम आगे जाते हुए आज पूर्व प्रवक्ता अजय आलोक कुत्तों के साथ कैमरे पर आ गये.
रथ की बात करें तो जेडीयू का अब भी यही कहना है कि आरजेडी ने कोई सफाई सार्वजनिक नहीं की है. वैसे पटना की सड़कों पर रविवार से इस तरह के पोस्टर जगह जगह नजर आ रहे हैं. इस पर किसी पार्टी का नाम तो नहीं है लेकिन रथ वाली बस के विवाद का जिक्र है. ये कहते हुए हमला किया जा रहा है कि सामाजिक न्याय के ढोंगी ने अति पिछड़े के साथ आर्थिक जालसाजी की है.























