अब इस नए मामले में फंसे आजम खान, हमसफर रिजॉर्ट की दीवार से निकली पुरानी ईंटें
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर के सांसद आजम खान की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. जानिए क्या है ये नया विवाद.

रामपुर, प्रयागराज: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर के सांसद आजम खान की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. शुक्रवार को उनके गेस्ट हाउस ''हमसफर'' की दीवार को तोड़ा गया था. इस दीवार में पुरानी ईंटें निकली हैं जिनकी जांच की जा रही है. साथ ही दीवार गिराने में जो खर्चा आया है उसका हर्जाना भी आजम से वसूला जाएगा.
रामपुर के जिलाधिकारी आंजनेय कुमार ने बताया कि आजम खान का लक्जरी रिजॉर्ट हमसफर ग्रीन बेल्ट में बना हुआ है जिस पर रामपुर विकास प्राधिकरण कार्रवाई करेगा. जो ईंटें दीवार से निकली है उनकी जांच 9 सदस्यों वाली एसआईटी कर रही है. इस बात की जांच की जा रही है कि ये ईंटें कहां से लाकर इस दीवार में लगाई गईं.
साथ ही सिंचाई विभाग दीवार को गिराने में आए खर्च का आकलन कर रहा है और उसी हिसाब से आजम पर जुर्माना लगाया जाएगा.
आज़म खान को नहीं मिली हाईकोर्ट से राहत
आज़म खान ने रामपुर के किसानों द्वारा तीन दिन में दर्ज कराई गई सत्ताइस एफआईआर में राहत पाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में जो अर्जी दाखिल की थी, वकीलों की हड़ताल के चलते उस पर सुनवाई नहीं हो पाई. वकीलों की यह हड़ताल बेमियादी है, लिहाज़ा सुनवाई कब होगी, अभी यह भी तय नहीं है. इन मामलों में आज़म पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है.
गौरतलब है कि रामपुर के कुछ किसानों ने सांसद आज़म खान पर अपनी ज़मीन कब्ज़ा करने का आरोप लगाकर पिछले महीने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. किसानों की शिकायत पर रामपुर के अज़ीम नगर पुलिस स्टेशन में आज़म खान के खिलाफ तीन दिन में सत्ताइस मुक़दमे दर्ज किये गए थे.
आरोप है कि आज़म खान ने किसानों की ज़मीन कब्ज़ा कर उन्हें अपनी मोहम्मद अली जौहर युनिवर्सिटी में मिला लिया था. रामपुर पुलिस ने जांच के दौरान आईपीसी की कई और धाराएं जोड़ दी थीं. इन सत्ताईस मामलों में दर्ज एफआईआर को रद्द किये जाने की मांग को लेकर आज़म खान ने पिछले दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी.
उन्होंने पूरी कार्रवाई को सियासी बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए सभी एफआईआर रद्द किये जाने का आदेश दिए जाने की अपील की थी. आज़म खान की अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर और जस्टिस राजबीर सिंह की डिवीजन बेंच में सुनवाई होनी थी.
Source: IOCL























