अयोध्या: आमरण अनशन कर रहे संत परमहंस को पुलिस ने जबरदस्ती उठाया, धरना स्थल पर बैठे अनुयायी
मंदिर निर्माण को लेकर अयोध्या के संत परमहंस ने 1 तारीख को आमरण अनशन का एलान किया था, इसके बाद शासन-प्रशासन की नींद उड़ी हुई थी. प्रशासन लगातार उनको मनाने की कोशिश करता रहा है. लेकिन वे अपनी मांग से टस से मस नहीं हुए.

अयोध्या: राम मंदिर निर्माण के लिए आमरण अनशन कर रहे हैं संत परमहंस को आज पुलिस ने अनशन के सातवें दिन जबरदस्ती बलपूर्वक बीमारी का हवाला देकर उठा लिया. आपको बता दें की संत परमहंस राम जन्मभूमि निर्माण के लिए 1 अक्टूबर से लगातार अन्न जल त्याग कर धरने पर बैठे हैं. कई बार प्रशासन की तरफ से तपस्वी परम हंस को मनाने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं बनी.
संत परमहंस ने 1 तारीख को आमरण अनशन का एलान करके सरकार प्रशासन की नींद उड़ा रखी थी जिसकी वजह से प्रशासन की काफी हलकान रहा और उनको मनाने की कोशिश करता रहा कि वह किसी भी तरह से अपना धरना समाप्त कर दें.
कई बार प्रशासनिक अमले ने भी उनको बहुत मनाने कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी और आज जब फैजाबाद के प्रभारी मंत्री सतीश महाना आए जब वो भी उन्हें मनाने में असफल रहे तो उनके जाने के बाद श्री परमहंस को पुलिस ने जबरन धरना स्थल से बीमारी का बहाना देकर उठा लिया जिससे उनके भक्तों और अनुयायियों में काफी रोष है और खुद धरना स्थल पर बैठ चुके हैं.
इसके बाद धरना स्थल पर पहुंचे अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के प्रवीण तोगड़िया ने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि हम महाराज जी को फिर से आंदोलन में उठाएंगे रोक सके तो रोक लें. उन्होंने कहा कि हो सके तो मुझे भी गिरफ्तार करें क्योंकि अब मैं देशव्यापी आंदोलन करने की तैयारी करूंगा.
अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष रहे प्रवीण तोगड़िया ने कहा था कि जब जीएसटी और तीन तलाक पर कानून बन सकता है तो राममंदिर पर भी संसद में कानून बन सकता है. तोगड़िया ने कहा था कि अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार को अध्यादेश लाना ही होगा. अगर नहीं कर सकते तो हटने के लिए तैयार रहो और अगर कानून बनाते हो तो अगली बार झंडा लेकर हम सरकार बनवाएंगे.
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