मुजफ्फरपुर शेल्टर हाऊस केस: खुदाई बंद, नहीं मिली कोई लाश, फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी जाएगी मिट्टी
एसएसपी हरप्रीत कौर के मुताबिक़ यहां की मिट्टी को एफएसएल जांच के लिए भेजा जाएगा. एसएसपी के मुताबिक़ जिन बच्चियों ने उसे दफ़नाने का आरोप लगाया था उन्होंने भी बच्ची को दफनाते हुए नहीं देखा था.

नई दिल्ली: कोर्ट के आदेश पर बिहार के मुजफ्फरपुर में बालिका सुधार गृह (शेल्टर हाऊस) में खुदाई में कोई लाश नहीं मिली. बालिका सुधार गृह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं. आरोप है कि सात साल की एक बच्ची के साथ रेप की कोशिश के दौरान उसकी मौत हो गई थी, जिसके बाद उसके शव को बालिका गृह परिसर में ही गड्ढे में दफना दिया गया. इसके बाद ही शेल्टर हाऊस में कोर्ट के आदेश के बाद खुदाई की गई लेकिन उसमें कुछ नहीं मिला.
एसएसपी हरप्रीत कौर के मुताबिक़ यहां की मिट्टी को एफएसएल जांच के लिए भेजा जाएगा. एसएसपी ने दावा किया है कि उन्होंने आज बच्चियों से दोबारा बात की जिसके बाद स्निफर डॉग की मदद लेने के बाद खुदाई दोबारा शुरू की गई लेकिन काफ़ी खुदाई करने के बाद भी कुछ भी नहीं मिला.
एसएसपी के मुताबिक़ जिन बच्चियों ने उसे दफ़नाने का आरोप लगाया था उन्होंने भी बच्ची को दफनाते हुए नहीं देखा था और न ही उन बच्चियों को उस बच्ची के नाम और चेहरे के बारे में कुछ भी याद है. हरप्रीत कौर ने ये भी जानकारी दी थी कि शेल्टर हाऊस की छह बच्चियां पहले से ही ग़ायब हैं, जिनके बारे में भी पता लगाया जा रहा है.
पहले बच्चियों के घर पर टीम भेजी जाएगी, अगर वे घर नहीं पहुंची होंगी तो पुलिस थाने में पता लगाया जाएगा कि क्या सुधार गृह संचालित करने वाले एनजीओ की तरफ़ से इन बच्चियों की गुमशुदगी की कोई रिपोर्ट लिखवाई गई है या नहीं? ये छह बच्चियां उन 44 बच्चियों से अलग हैं जो अभी तक बालिका गृह में मौजूद थीं. एसएसपी का दावा है कि अगले तीन दिन में इन बच्चियों के बारे में पता लगा लिया जाएगा.
44 बच्चियों में से 34 बच्चियों का मेडिकल टेस्ट कराया जा चुका है
बालिका गृह में कुल 44 बच्चियां रहती थीं. मामला सामने आने के बाद 14 बच्चियों को मधुबनी के सुधार गृह में भेजा गया जबकि 30 को पटना के सुधारगृह भेजा गया था. मधुबनी भेजी गई बच्चियों में से कुल 13 की मेडिकल जांच हुई है जिसमें उनके साथ रेप की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता. वहीं पटना भेजी गई 30 बच्चियों में से अभी तक 21 की मेडिकल जांच हुई है जिसमें से 16 के साथ यौनाचार से इंकार नहीं किया जा सकता. यानी कि अब तक मुजफ्फरपुर बालिका सुधार गृह की कुल 44 बच्चियों में से 34 बच्चियों का मेडिकल जांच कराया जा चुका है जिसमें से 29 बच्चियों से यौन शोषण से इंकार नहीं किया जा सकता. हालांकि अभी तक इनमें से किसी भी बच्ची के गर्भवती होने की पुष्टि नहीं हुई है.
Source: IOCL






















