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मुरादाबाद के पुलिस थानों में हुआ है ये बड़ा बदलाव, पूरी तरह से बदल गई है सूरत
यूपी पुलिस की कोशिश है दोस्त बनने की और शायद यही कारण है कि मुरादाबाद के एसएसपी जे. रविन्द्र गौड़ ने जिले भर के सभी 20 थानों की इमारतों से लाल और नीले रंग वाले बोर्ड हटवा दिए हैं.

मुरादाबाद: यूपी पुलिस की कोशिश है दोस्त बनने की और शायद यही कारण है कि मुरादाबाद के एसएसपी जे. रविन्द्र गौड़ ने जिले भर के सभी 20 थानों की इमारतों से लाल और नीले रंग वाले बोर्ड हटवा दिए हैं. इतना ही नही सभी थानों की इमारतों को सफ़ेद रंग से रंगवा कर उस पर हल्के पीले रंग की पट्टी बनवाई है गयी है और ऑफिस को भी सजाया संवारा गया है. सभी थानों में साफ सफ़ाई और इंटीरियर डेकोरेशन के साथ साथ ऑफिस फर्नीचर भी नया लगाया गया है ताकि थाने में ड्यूटी करने वाले पुलिस वालों और यहां आने वाले फरियादियों को सब कुछ एक सामान्य आफ़िस की तरह ही लगे.
एसएसपी मुरादाबाद जे. रविन्द्र गौड़ का कहना है कि थानों पर लाल नीले रंग के बोर्ड देख कर आम जनता में ख़ौफ़ सा पैदा होता है. लाल रंग का मतलब ख़तरा समझा जाता है और लोग थानों के सामने से निकलने में भी डर महसूस करते हैं. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है जनता में पुलिस थानों के प्रति सोच सकारात्मक बने और थानों को देख कर लोग डरें नहीं बल्कि थानों की इमारतों को भी अन्य सरकारी इमारतों की तरह ही समझें और थाने आकर अपनी बात रखने में ख़ुद को सहज महसूस करें. एसएसपी ने कहा कि जनता में अधिकतर लोग शरीफ़ हैं, अपराधी तो बहुत कम संख्या में होते हैं फिर क्यों हम थानों पर लाल रंग के बोर्ड लगा कर जनता में डर पैदा करें. हमारा मक़सद पुलिस और जनता के बीच अच्छा संवाद कायम करना है.
कप्तान ने कहा कि पुलिस जनता की दुश्मन नहीं दोस्त है, वो उसकी परेशानी में काम आती है तो फिर क्यों लोग पुलिस थानों से खौफ खाएं. एसएसपी मुरादाबाद के मुताबिक थानों को साफ़ सुन्दर बनाने और उनकी मरम्मत, पुताई कराने के लिए मुरादाबाद की जनता ने भी इस काम में हमारा सहयोग किया है. कुछ पैसा पुलिस विभाग से आया था और कुछ जनता ने दिया जिससे जिले भर के थाने सुन्दर और साफ़ हो चुके हैं.
एसएसपी मुरादाबाद जे. रविन्द्र गौड़ का कहना है कि थानों पर लाल नीले रंग के बोर्ड देख कर आम जनता में ख़ौफ़ सा पैदा होता है. लाल रंग का मतलब ख़तरा समझा जाता है और लोग थानों के सामने से निकलने में भी डर महसूस करते हैं. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है जनता में पुलिस थानों के प्रति सोच सकारात्मक बने और थानों को देख कर लोग डरें नहीं बल्कि थानों की इमारतों को भी अन्य सरकारी इमारतों की तरह ही समझें और थाने आकर अपनी बात रखने में ख़ुद को सहज महसूस करें. एसएसपी ने कहा कि जनता में अधिकतर लोग शरीफ़ हैं, अपराधी तो बहुत कम संख्या में होते हैं फिर क्यों हम थानों पर लाल रंग के बोर्ड लगा कर जनता में डर पैदा करें. हमारा मक़सद पुलिस और जनता के बीच अच्छा संवाद कायम करना है.
कप्तान ने कहा कि पुलिस जनता की दुश्मन नहीं दोस्त है, वो उसकी परेशानी में काम आती है तो फिर क्यों लोग पुलिस थानों से खौफ खाएं. एसएसपी मुरादाबाद के मुताबिक थानों को साफ़ सुन्दर बनाने और उनकी मरम्मत, पुताई कराने के लिए मुरादाबाद की जनता ने भी इस काम में हमारा सहयोग किया है. कुछ पैसा पुलिस विभाग से आया था और कुछ जनता ने दिया जिससे जिले भर के थाने सुन्दर और साफ़ हो चुके हैं. और पढ़ें
Source: IOCL























