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अटकलों का बाजार गर्म, लोकसभा चुनाव में हार से नाराज मुलायम ने सैफई में बुलाई बैठक
शिवपाल सिंह यादव मीडिया के सवालों से बचते नज़र आये. उन्होंने सभी सवालों के जवाब के लिए बाद में बात करने को कहा. उन्होंने मुलायम और अखिलेश की मीटिंग की अफवाह पर एक मीटिंग की बात कही है. लेकिन किससे मीटिंग और कहां यह स्पष्ट नहीं किया है.

इटावा: लोकसभा चुनावों में करारी हार के साइड इफेक्ट दिखने लगे हैं. बीएसपी मुखिया मायावती और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश के रास्ते अलग-अलग हो चुके हैं. समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी विधानसभा की 11 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में अलग-अलग चुनाव मैदान में उतरेंगे. इस बीच कई तरह की अटकलों का बाजार गर्म हो रहा है. अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि मुलायम सिंह यादव ने सपा के तमाम बड़े नेताओं को सैफई बुलाया है. कई जगह इस तरह की चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि शिवपाल सिंह भी इस मीटिंग में शामिल हो सकते हैं. शिवपाल सिंह यादव ने अपने आवास पर समर्थकों के साथ मुलाकात की. लेकिन मीडिया के सवालों से बचते नज़र आये. उन्होंने सभी सवालों के जवाब के लिए बाद में बात करने को कहा. उन्होंने मुलायम और अखिलेश की मीटिंग की अफवाह पर एक मीटिंग की बात कही है. लेकिन किससे मीटिंग और कहां यह स्पष्ट नहीं किया है. अब सवाल उठता है कि शिवपाल सिंह यादव सपा बसपा गठबंधन पर बयान देने से क्यों बच रहे हैं. क्या सपा में संभावनाओं की उम्मीद है? बेहद खराब रहा था सपा का प्रदर्शन 2014 में समाजवादी पार्टी ने 5 सीटें जीती थीं और 2019 में बसपा के गठबंधन के बाद अखिलेश यादव उत्साह से लबरेज थे. उनको उम्मीद थी कि पार्टी शानदार कामयाबी हासिल करेगी. लेकिन ऐसा हो नहीं सका और सपा एक बार फिर 5 सीटों पर ही सिमट गई. इससे भी खराब बात ये रही कि अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव, सपा के गढ़ माने जाने वाले कन्नौज में हार गईं. यही नहीं बदायूं से उनके रिश्ते के भाई धर्मेंद्र यादव भी चुनाव हार गए. इनके अलावा फिरोजाबाद लोकसभा सीट से रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव भी चुनाव हार गए.
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Source: IOCL























