13 माल एवेन्यू तो मेरा सरकारी आवास है ही नहीं, वह तो कांशीराम विश्राम स्थल है: मायावती
बसपा सुप्रीमो मायावती के बंगले के मामले में आज एक नया मोड़ आ गया है. बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और जानकारी दी कि 13 माल एवेन्यू तो मायावती का आवास है ही नहीं.

लखनऊ: बसपा सुप्रीमो मायावती के बंगले के मामले में आज एक नया मोड़ आ गया है. बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और जानकारी दी कि 13 माल एवेन्यू तो मायावती का आवास है ही नहीं.
दरअसल ये पूरा मामला उस वक्त शुरू हुआ जब सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगला खाली करने को कहा. योगी सरकार ने सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगला खाली करने के लिए नोटिस जारी किया. आपको बता दें कि यूपी में पूर्व मुख्यमंत्रियों को रहने के लिए बंगला दिया जाता रहा है.
गुलाबी पत्थरों से बने 35 करोड़ रुपए के बंगले में रहेंगी मायावती
मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी की. इसके बाद अखिलेश और मुलायम ने बंगला खाली करने के लिए वक्त मांगा. दोनों ने ही कहा कि उनके पास आवास नहीं है लिहाजा उन्हें व्यवस्था होने तक बंगले में रहने दिया जाए.
सबसे बड़ा पेंच मायावती के बंगले को लेकर फंसा. मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक मायावती के पास जो बंगला है उसका पता 13 माल एवेन्यू है. विवाद तब शुरु हुआ जब इस बंगले पर अचानक कांशीराम विश्राम स्थल के बोर्ड लग गए.
ये तरीका बचा पाएगा मायावती के सरकारी बंगले को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से?
कहा जाने लगा कि मायावती बंगला खाली नहीं करना चाहतीं लिहाजा उन्होंने ये ट्रिक निकाली है. लेकिन अब सतीश चंद्र मिश्रा ने सीएम को बताया कि 13 माल एवेन्यू को कांशीराम विश्राम स्थल ही है. इसके बाबत आदेश 13 जनवरी 2011 को जारी किया गया था.
उन्होंने बताया कि मायावती का बंगला तो 6 लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर है जिसे वह खाली करने को तैयार हैं. वे कांशीराम विश्राम स्थल में इसलिए रहती थीं ताकि इसकी उचित देखभाल हो सके. मायावती फिलहाल नए घर में शिफ्ट होने वाली हैं जो उनके पुराने पते के बिल्कुल पास ही है.
जानिए कौन हैं संजय सेठ जो मुलायम सिंह यादव के लिए ढूंढ रहे हैं घर
मायावती ने 6 लाल बहादुर शास्त्री मार्ग वाले सरकारी बंगले को खाली करने के लिए समय मांगा है. उन्होंने कहा है कि कांशीराम विश्राम स्थल में काम करने वाले कर्मचारी वहीं रहते थे लिहाजा जब तक उनके लिए कोई व्यवस्था ना हो तब तक का वक्त उन्हें दिया जाए.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















