बिहार: मांझी ने कहा- 30 मार्च तक करेंगे अपनी मांग माने जाने का इंतज़ार, नहीं तो महागठबंधन से अलग होने का विचार
जीतन राम मांझी ने कहा कि वह अपने गांव महनार में स्कूल के उद्धघाटन के सिलसिले में नीतीश कुमार से मिले थे. इस दौरान कुछ राजनीतिक बात भी हुई.

पटना: आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के प्रेस कॉन्फ्रेंस के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. आज पटना में मांझी अपने आवास पर नेताओं के साथ पहले बैठक की. उस बैठक के बाद मांझी ने पत्रकारों से बात की. उन्होंने पहले कल यानि मंगलवार को बिहार के सीएम नीतीश से हुई मुलाकात के बारे में बताया. जीतन राम मांझी ने कहा कि वह अपने गांव महनार में स्कूल के उद्धघाटन के सिलसिले में नीतीश कुमार से मिले थे. इस दौरान उनके और नीतीश कुमार के बीच कुछ राजनीतिक बात भी हुई.
इसके बाद मांझी ने महागठबन्धन के अंदरूनी राजनीति पर अपना स्टैंड क्लियर किया. मांझी ने फिर से अपनी पुरानी मांग दोहराते हुए कहा कि हम पार्टी माहगठबन्धन को सुचारू रूप से चलाने के लिए कॉर्डिनेशन कमिटी की लगातार मांग कर रहे हैं पर अभी तक कॉर्डिनेशन कमिटी नहीं बनी है.
उन्होंने आगे कहा,''अभी से सीट बंटवारे को लेकर बात होनी चाहिए. 30 मार्च तक अगर कॉर्डिनेशन कमिटी नही बनी तो मैं महागठबंधन के साथ नही चलूंगा और महागठबंधन से अलग होने का सोचूंगा.महागठबंधन को मजबूत कर बीजेपी को खत्म करना हमारी रणनीति है."
इसके बाद लालू की पार्टी आरजेड़ी पर निशाना साधते हुए मांझी ने आरोप लगाया कि आरजेडी ने राज्य सभा में कांग्रेस के साथ न सिर्फ वादा खिलाफी की बल्कि टिकट एक कारोबारी को दे दिया. मांझी ने पूछा कि राजद ने एक व्यापारी को टिकट दिया ये कहां का नियम है?























