भाजयुमो के युवा संसद से 2019 जीतने की तैयारी, केशव मौर्या और महेन्द्र नाथ पाण्डेय भी लेंगे हिस्सा
बीजेपी 2019 के आम चुनाव को लेकर एड़ी-चोटी की जोर आजमाइश कर रही है. मुख्यमंत्री के शहर में उपचुनाव की हार के बाद स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता छाछ भी फूंककर पी रहे हैं.

गोरखपुरः बीजेपी 2019 के आम चुनाव को लेकर एड़ी-चोटी की जोर आजमाइश कर रही है. मुख्यमंत्री के शहर में उपचुनाव की हार के बाद स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता छाछ भी फूंककर पी रहे हैं. उपचुनाव में दूध का जला जख्म अभी हरा ही है. यही वजह है कि 2019 में इस जख्म को भरने के लिए हर तरह के महरम का इस्तेमाल किया जा रहा है. भाजपा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद खाली हुई सीट गवां देना किसी बड़े झटके से कम नहीं है. ऐसे में भाजपा की जीत के साथ इस सीट को वापस पाना ही उनका लक्ष्य बन गया है.
ये संकेत अभी से मिलने लगे हैं. यही वजह है कि भाजयुमो की ओर से गुरुवार को गोरखपुर में आयोजित युवा संसद कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पाण्डेय आ रहे हैं. इस सीट को बचाने के लिए बीजेपी ने साम-दाम-दंड-भेद सब लगा दिया है. गुरुवार को 11 जिलों से युवाओं को खंगाल कर लाया जाएगा और दो सत्रों में युवा संसद का कार्यक्रम चलेगा.
गोरखपुर क्लब में होने वाले युवा संसद कार्यक्रम को लेकर तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है. सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन का दायित्व सौंपा गया है. बुधवार को मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष और क्षेत्रीय प्रभारी ने मीटिंग कर कार्यक्रम की पूरी रूप रेखा तैयार कर ली है.
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के क्षेत्रीय प्रभारी डा. सत्येंद्र सिन्हा ने बताया कि कल सुबह 11 बजे से ये कार्यक्रम शुरू होगा. युवा संसद सत्र दो चरणों में चलेगा. पहले चरण में विषय 'एक नेशन एक चुनाव' होगा. जिसमें, खुद प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या शामिल होंगे. दूसरे सत्र में 'भारत के विकास और अवसर की चुनौती' विषय पर युवा संसद आयोजित है. इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पाण्डेय शामिल होंगे. सत्र के दौरान 11 जिलों के युवा मौजूद रहेंगे.
विश्वविद्यालय, महाविद्यालय समेत इंटर कालेज में पढ़ने वाले मेधावी युवाओं के साथ अपने क्षेत्र में कुछ अलग पहचान बनाने वाले युवाओं को युवा संसद में आमंत्रित किया गया है. उन्हें बीजेपी के युवा कार्यकताओं के सामने बैठा कर चर्चा की जाएगी. लोकसभा उपचुनाव में करारी हार के बाद ये साफ है कि 2019 के चुनाव में किसी भी तरह की गलती नहीं करना चाहती है. ऐसे में सपा और होने वाले महागठबंधन को भाजपा किस तरह से शिकस्त दे पाती है, ये देखना काफी अहम होगा.
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