बिहार: आरजेडी उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने ली राजनीति से 'छुट्टी', कहा- संस्मरण लिखूंगा
शिवानंद तिवारी के इस फैसले पर आरजेडी का आधिकारिक बयान नहीं आया है. शिवानंद तिवारी ने कहा कि जो कर रहा हूं उससे छुट्टी पाना चाहता हूं. संस्मरण लिखने की कोशिश करूंगा. इसलिए आरजेडी की ओर से जिस भूमिका का निर्वहन कर रहा था उससे छुट्टी ले रहा हूं.

पटना: आरजेडी के नेता सीनियर नेता और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने राजनीति से छुट्टी ले लिया है. उन्होंन कहा कि वे थक चुके हैं और ये थकान शरीर से ज्यादा मन की थकान है. उन्होंने कहा कि इस छुट्टी में वे संस्मरण लिखने की कोशिश करेंगे.
पार्टी से नाराज चल रहे थे शिवानंद तिवारी?
शिवानंद तिवारी ने कहा, ''थकान अनुभव कर रहा हूं. शरीर से ज़्यादा मन की थकान है. संस्मरण लिखना चाहता था. वह भी नहीं कर पा रहा हूं. इसलिए जो कर रहा हूं उससे छुट्टी पाना चाहता हूं. संस्मरण लिखने का प्रयास करूंगा. लिख ही दूँगा, ऐसा भरोसा भी नहीं है. लेकिन प्रयास करूंगा. इसलिए राजद की ओर से जिस भूमिका का निर्वहन अबतक मैं कर रहा था उससे छुट्टी ले रहा हूं.’’ सियासी गलियारे में ऐसी चर्चा है कि आरजेडी के सीनियर नेता पार्टी से नाखुश हैं. शिवानंद तिवारी के इस फैसले पर आरजेडी के तरफ के अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
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बता दें कि शिवानंद तिवारी आरजेडी के उन नेताओं में हैं जो नीतीश कुमार को महागठबंधन में आने का न्योता दे चुके हैं. पिछले महीने में उन्होंने कहा था कि अगर बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के प्रमुख नीतीश कुमार उनके साथ फिर से आते हैं तो आरजेडी को उन्हें महागठबंधन नेता चुनने में कोई दिक्कत नहीं होगी.'' उन्होंने यह बात अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कही थी. यह पूछे जाने पर कि क्या आरजेडी नीतीश को उन्हीं शर्तों पर स्वीकार कर सकता है, जैसा कि 2015 के विधानसभा चुनावों से पहले किया था, तिवारी ने कहा था, " क्यों नहीं?"
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