नीतीश के 'ऑपरेशन संघ परिवार' वाली चिट्ठी पर राबड़ी देवी बोलीं- बीजेपी और जेडीयू में शुरू से खटपट रही है
राबड़ी देवी ने कहा कि जेडीयू और बीजेपी के बीच शुरू से खटपट रही है. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने इस मुद्दे को बिहार के सदन में उठाया लेकिन सरकार की तरफ से कोई प्रतिकिया नहीं दी गई. हालांकि राबड़ी देवी ने यह भी कहा कि सरकार के पास खुफिया जांच कराने का अधिकार है और वो करा सकती है.

पटना: आरएसएस और उसके सहयोगी संगठनों की कुंडली खंगालने वाली बिहार पुलिस की स्पेशल ब्रांच की चिट्ठी ने सियासी पारा चढ़ दिया है. बीजेपी ने इसको लेकर बिहार विधान परिषद में जमकर हंगामा किया. 28 मई को लिखी गई इस चिट्ठी में आरएसएस और उसके 19 सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों का पता, फोन नंबर और पेशे के बारे में पता लगाने के लिए आदेश दिए गए थे. इस आदेश को अति आवश्यक बताते हुए एक स्पताह का वक्त दिया गया था. बिहार में नीतीश कुमार सरकार के नेतृत्व में सूबे की पुलिस के स्पेशल ब्रांच की एक चिट्ठी से बीजेपी आहत हो गई है.
इस चिट्ठी राबड़ी देवी ने कहा कि इसमें विपक्ष को कुछ कहने की जरूरत नहीं है. बीजेपी और जेडीयू में शुरू से खटपट रही है. इसको लेकर जब राबड़ी देवी ने सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ''ये बात आप अमित शाह और देश के प्रधानमंत्री से पूछें. ये तो बीजेपी के लोग ही बताएंगे. बीजेपी ने सदन में बात को उठाया पर उसपर सरकार के तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त की गई. नीतीश कुमार ने तो बीजेपी के जड़ को मजबूत बनाया तो अब वो क्यों सवाल उठा रहे हैं. खुफिया जांच कराने का अधिकार है वो करा सकते हैं.''
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क्या लिखा था स्पेशल ब्रांच का चिट्ठी में?
दरअसल 28 मई को पटना के एसपी (स्पेशल ब्रांच) ने डिप्टी एसपी (स्पेशल ब्रांच) को एक चिट्ठी लिखी थी. इसमें कहा गया था कि आरएसएस और उससे जुड़े 19 सहयोगी सगंठनों के पदाधिकारियों का नाम, पता, फोन नंबर और पेशे का ब्यौरा एक हफ्ते के अंदर जुटाया जाए. पदाधिकारियों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष या संयुक्त सचिव और ऐसे ही दूसरे पदभार संभाल रहे लोगों का ब्यौरा मांगा गया. इस चिट्ठी में आरएसएस के अलावा विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, हिंदू जागरण समिति, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, हिंदू राष्ट्र सेना, राष्ट्रीय सेविका समिति, शिक्षा भारती, दुर्गा वाहिनी, स्वदेशी जागरण मंच, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय रेलवे संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अखिल भारतीय शिक्षक महासंघ, हिंदू महासभा, हिंदू युवा वाहिनी और हिंदू पुत्र संगठन का नाम शामिल हैं.
Source: IOCL
























