मेरठ: मौत का कब्रिस्तान बनी गंगनहर, अब कार के गिरने से 3 की मौत, महिला लापता
कांवड़मार्ग के किनारे स्थित गंगनहर जैसे मौत का कब्रिस्तान ही बन गई है. इस नहर में एक कार गिरने से 3 मुसाफिरों की मौत हो गई जबकि तेज पानी में बही महिला का पता नहीं चल सका है. गोताखोरों की मदद से पुलिस महिला की तलाश कर रही है.

मेरठ: कांवड़मार्ग के किनारे स्थित गंगनहर जैसे मौत का कब्रिस्तान ही बन गई है. इस नहर में एक कार गिरने से 3 मुसाफिरों की मौत हो गई जबकि तेज पानी में बही महिला का पता नहीं चल सका है. गोताखोरों की मदद से पुलिस महिला की तलाश कर रही है.
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे सलावा गांव के हुकुम सिंह अपने परिवार के 6 सदस्यों के साथ अपनी रिश्तेदारी में हुई मौत पर शोक व्यक्त करने अतरौली जा रहे थे. कांवड़ मार्ग पर भलसोना पुल के पास स्विफ्ट कार अचानक बेकाबू हो गई और बेरीकेटिंग को तोड़ती हुई नहर में समा गई.
कार बेकाबू होते ही कार में बैठे लोग चीखने लगे थे. उनकी आवाज सुनकर ग्रामीण मौके की ओर भागे मगर तब तक कार नहर में समा चुकी थी. ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए अपने बीच के कुछ तैराकों को नहर में उतार दिया. साहसी ग्रामीणों ने एक-एक करके 6 लोगों को पानी से निकाल लिया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया.
अस्पताल में इलाज के दौरान हुकुम सिंह, उनके बेटे अनिल, संजय की पत्नी सीमा की मौत हो गई. उधर, ग्रामीण कार में सवार सुनील की पत्नी राधा को नहीं खोज पाये. मौके पर पहुंची पुलिस ने कार को नहर से बाहर निकलवाया. पुलिस अभी भी राधा की तलाश में नहर में सर्च अभियान चला रही है.

एसपी ग्रामीण राजेश कुमार ने बताया कि एनडीआरएफ को मदद के लिए सूचित किया गया है. जिन तीन लोगो की मौत हुई है, उनके शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गये है. घटना की जांच जारी है साथ ही पुलिस के गोताखोर महिला की तलाश में जुटे हैं.
कांवड़ मार्ग की गंगनहर इस महीने वहां से गुजरने वाले वाहनों के लिए कब्रिस्तान साबित हुई है. 3 दिसंबर की सुबह इस नहर में एक ट्रॉला गिर पड़ा था. एनडीआरएफ की टीम ट्रॉला को तो निकाल पाई मगर उसमें सवार ड्राइवर-हैल्पर का पता नहीं लग सका.
दूसरे हादसे में 14 दिसंबर को मुजफ्फरनगर से आ रही कार नहर में गिर पड़ी थी. इस कार में एचसीएल कंपनी के 3 इंजीनियर सवार थे. दो इंजीनियर तो किसी तरह निकल आये लेकिन तीसरा नितिन गुप्ता तेज बहाव में बह गया. पुलिस उसके शव को 23 दिसंबर से नहर से बरामद कर सकी.























