बंगाल में BJP की नई कमान संभालेंगे समिक भट्टाचार्य, 2026 चुनाव से पहले संगठन में नई जान फूंकने की तैयारी
West Bengal BJP President: राज्यसभा MP समिक भट्टाचार्य को पश्चिम बंगाल BJP का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. 2026 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी संगठन को फिर से खड़ा करना उनकी सबसे बड़ी चुनौती होगी.

West Bengal BJP President: राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य को पश्चिम बंगाल बीजेपी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. वह निर्विरोध चुने गए हैं और उनका कार्यभार ऐसे समय में आया है जब राज्य में बीजेपी को लगातार झटके लग रहे हैं. चाहे 2021 विधानसभा चुनाव की हार हो या 2023 के पंचायत चुनावों और 2024 लोकसभा में पार्टी का प्रदर्शन. अब सभी की नजरें भट्टाचार्य पर हैं कि वे पार्टी को किस तरह से पुनर्गठित करेंगे.
RSS से बीजेपी तक की लंबी राजनीतिक यात्रा
समिक भट्टाचार्य की राजनीतिक यात्रा 1970 के दशक में शुरू हुई जब वे हावड़ा के मंदिरतला में RSS की शाखाओं में जाया करते थे. इसके बाद उन्होंने ABVP और फिर भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का हिस्सा बनते हुए पार्टी के भीतर तीन दशकों तक कई पदों पर काम किया.
वे राज्य बीजेपी में महासचिव, उपाध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता जैसे पदों पर रह चुके हैं.
राजनीतिक अनुभव और चुनावी सफर
समिक भट्टाचार्य ने 2014 में बसीरहाट दक्षिण सीट से उपचुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. यह जीत बीजेपी के लिए खास थी क्योंकि यह गठबंधन के बिना मिली पहली सीट थी. हालांकि, 2016 के चुनाव में वे हार गए. उन्होंने 2006 में श्यामपुकुर विधानसभा सीट और 2014 में बसीरहाट लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ा था, लेकिन सफलता नहीं मिली.
राज्यसभा से संगठन तक, पार्टी में सक्रिय भूमिका
2020 से 2024 तक वे बंगाल बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता रहे और अप्रैल 2024 में राज्यसभा के लिए नामांकित हुए. संसद में उन्होंने चुनावी सुधार, संघवाद और आंतरिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की है. पार्टी के भीतर उनका संबंध कई अध्यक्षों के साथ रहा है, जिनमें तथागत रॉय, दिलीप घोष और सुकांत मजूमदार जैसे नेता शामिल हैं. उनके संबंध नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी से भी अच्छे हैं, जिन्होंने उनके चयन का स्वागत किया है.
पुनर्गठन की बड़ी जिम्मेदारी
पार्टी के भीतर भट्टाचार्य की सबसे बड़ी चुनौती संगठन को फिर से मजबूत करना, अंदरूनी मतभेदों को खत्म करना, विधायी और संगठनात्मक विंग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और 2026 विधानसभा चुनाव के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना है. भाजपा में उनका चयन राजनीतिक संतुलन, संघ के प्रति निष्ठा और लंबे संगठनात्मक अनुभव को ध्यान में रखते हुए किया गया है.
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