अब यूक्रेन क्या करेगा? पुतिन के एक फॉर्मूले से रूस बनेगा और ताकतवर, 100 दिनों का प्लान जानकर उड़ जाएंगे होश
पुतिन ने उत्तर कोरिया की रणनीति से प्रेरित होकर अगले 100 दिनों में अपनी सेना को और खतरनाक बनाने के लिए सैनिकों की बड़ी भर्ती और विशेष प्रशिक्षण योजना बनाई है.
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में दोनों देशों के बीच संघर्ष लगातार तेज हो रहा है और इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक नया सैन्य अभियान लेकर आ रहे हैं, जिसे लेकर दुनियाभर में चर्चा हो रही है. पुतिन की यह योजना खासतौर पर उत्तर कोरिया के मॉडल से प्रेरित बताई जा रही है, जिसे वह अपनी सेना को और भी ज्यादा प्रभावी और खतरनाक बनाने के लिए लागू कर सकते हैं.
उत्तर कोरिया की तरह सेना को और शक्तिशाली बनाएंगे पुतिन
रूस ने घोषणा की है कि वह अगले 100 दिनों के भीतर अपने सैन्य बलों को बड़ी संख्या में बढ़ाने का योजना बना रहा है. इस योजना के तहत रूस हर दिन लगभग 2,000 नए सैनिकों की भर्ती करेगा, ताकि रूस के युद्ध अभियान को और गति मिल सके. इस भर्ती के दौरान सैनिकों की उम्र और शारीरिक क्षमता पर खास ध्यान दिया जाएगा ठीक उसी तरह जैसा उत्तर कोरिया में किम जोंग उन अपने सैनिकों की भर्ती करते हैं.
उत्तर कोरिया की सेना की खासियत ही यही है कि वहां के सैनिक अपनी जान की बाजी लगाने से भी नहीं डरते और युद्ध की स्थिति में वे बहुत ही खतरनाक तरीके से कार्य करते हैं. पुतिन भी अब ऐसी ही एक सेना बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं, जिसमें सैनिक अपने जीवन को बलिदान करने के लिए तैयार हों.
उत्तर कोरिया से प्रशिक्षण की संभावना
पुतिन की यह योजना स्पष्ट रूप से किम जोंग उन की रणनीतियों से प्रेरित प्रतीत होती है. जैसा कि किम जोंग उन अपने सैनिकों को बम लेकर लड़ाई में भेजने की रणनीति अपनाते हैं, उसी तरह पुतिन भी सैनिकों की शारीरिक और मानसिक तैयारी पर जोर दे सकते हैं. पुतिन की योजना में यह संभावना भी है कि रूस के नये भर्ती हुए सैनिकों को उत्तर कोरिया भेजा जा सकता है. जहां उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. यह प्रशिक्षण सैनिकों को कठोर परिस्थितियों में भी लड़ने की क्षमता प्रदान करेगा और वे युद्ध की चुनौतियों को बेहतर तरीके से सामना कर सकेंगे.
युद्ध के मैदान में उत्तर कोरिया की भूमिका
यूक्रेन से चल रही जंग में रूस को उत्तर कोरिया की मदद मिली है, जो अब तक 20,000 सैनिक रूस को भेज चुका है. उत्तर कोरिया के ये सैनिक रूस के लिए निर्णायक साबित हो रहे हैं और युद्ध के विभिन्न मोर्चों पर रूस को मजबूती दे रहे हैं. यही वजह है कि पुतिन अब उत्तर कोरिया से मिली इस मदद को और भी प्रभावी बनाने के लिए अपने सैनिकों की संख्या और प्रशिक्षण स्तर को बढ़ाने की योजना बना रहे हैं.
रूस के सैनिकों के मारे जाने और घायल होने की बड़ी संख्या को देखते हुए, पुतिन को अब और अधिक सशक्त सैनिकों की आवश्यकता महसूस हो रही है. हाल ही में यह जानकारी सामने आई थी कि रूस के लगभग 10 लाख सैनिक या तो मारे जा चुके हैं या घायल हो चुके हैं. ऐसे में, पुतिन ने अपनी सेना के पुनर्निर्माण के लिए एक निर्णायक कदम उठाने का फैसला लिया है.
रणनीतिक योजना का महत्व
पुतिन के लिए यह कदम रणनीतिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है. उन्हें युद्ध के मैदान में अपने सैनिकों को ज्यादा कुशल, निर्भीक और समर्पित बनाना है ताकि युद्ध में रूस की स्थिति मजबूत हो सके. युद्ध के दौरान सैनिकों की मानसिक स्थिति और शारीरिक ताकत पर ज्यादा जोर दिया जाएगा, ताकि वे किसी भी खतरे का सामना करने में सक्षम हो सकें. इसके साथ ही यह रणनीति रूस की सेना को एक नई पहचान देने का काम करेगी, जो आने वाले समय में युद्ध के मोर्चे पर रूस को बढ़त दिला सकती है.
Source: IOCL


























