एक्सिस बैंक का लाइसेंस रद्द होने की खबर का सच!

नई दिल्ली: क्या एक्सिस बैंक का लाइसेंस रद्द होने वाला है ? ये सवाल सोशल मीडिया बहुत जोर से पूछा जा रहा है और सवाल के पीछे है एक अखबार की कटिंग जिसमें इस बात को हेडलाइन बनाया गया है. जिनके एक्सिस बैंक में अकाउंट हैं वो भी और जिनके नहीं हैं वो भी इस खबर का सच जानना चाहते हैं. एबीपी न्यूज़ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस मैसेज की पड़ताल की है.
इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर एक्सिस बैंक के लाइसेंस रद्द होने को लेकर तरह तरह के सवाल भी पूछे जा रहे हैं. इस दावे के पीछे है एक्सिस बैंक का घोटाला. वो घोटाला क्या है ये हम आपको बताएंगे लेकिन उससे पहले आप आपको बताते हैं कि अखबार की कटिंग में लिखा क्या है.
सोशल मीडिया पर दावा है, ''नोटबंदी के बाद कालाधन को सफेद करने के मामले में बड़ी हेराफेरी करने वाले एक्सिस बैंक के 19 अधिकारी सस्पेंड होकर जेल भेजे गए हैं. अब सरकार इस बैंक का लाइसेंस रद्द करने की तैयारी में है. आगे लिखा है कि महीने भर की नोटबंदी के बाद सबसे ज्यादा धांधली प्राइवेट बैंकों में हुई थी और उसमें एक्सिस बैंक सबसे ऊपर रहा है. 40 करोड़ का घोटाला.'' इस दावे की एबीपी न्यूज ने पड़ताल की है पड़ताल में क्या मिला ये हम आपको बताएंगे लेकिन पहले ये जान लीजिए कि आखिर क्या है एक्सिस बैंक घोटाला.

दरअसल आरोप है कि एक्सिस बैंक के दो मैनेजरों ने दलालों के साथ मिलकर फर्जी पतों पर अकाउंट खुलवाए और करंट अकाउंट में पैसे डलवाकर काले धन को सफेद किया. ये करीब 40 करोड़ का घोटाला बताया जा रहा है. प्रवर्तन निदेशालय ने एक्सिस बैंक के दिल्ली में कश्मीरी गेट ब्रांच के दो मैनेजरों को गिरफ्तार किया है.
अब बात पड़ताल की यानि एक्सिस बैंक का लाइसेंस रद्द हो रहा है या नहीं. सबसे पहले आप ये जान लीजिए कि बैंकिंग लाइसेंस किन परिस्थियों में निरस्त हो सकता है
बैंकिंग रेग्युलेशन एक्ट 1949 के तहत रिजर्व बैंक लाइसेंस मुहैया कराता है और निरस्त करने का अधिकार भी उसी के पास है. कानून की धारा 22 के तहत लाइसेंस निरस्त करने के लिए कुछ शर्तें दी गयी है. जैसे अगर कोई बैंकिंग कंपनी देश में बैंकिंग का कारोबार करना बंद कर दे.
मौजूदा या भविष्य में जमाकर्ताओं के दावा चुकाने की स्थिति नहीं हो ऐसा काम जिससे मौजूदा या भविष्य के जमाकर्ताओं के हितों पर असर पड़े कंपनी का कामकाज आम जनता के हित में नहीं है कंपनी के पास पर्याप्त पूंजी नहीं हो या फिर आमदनी की संभावनाओं पर खासा असर पड़ रहा हो आम लोगों के हितों को नजरअंदाज किया जा रहा हो बैंक का कामकाज मौद्रिक स्थितरता और आर्थिक विकास के खिलाफ हो रिजर्व बैंक की राय में ऐसा कोई भी काम जो आम लोगों और जमाकर्ताओं के हितों के खिलाफ हो रिजर्व बैंक, बैंक को लाइसेंस की शर्ते पूरी करने के लिए एक मौका भी देगा. इन सब के बाद ही लाइसेंस रद्द करने का फैसला होगा. संबंधित बैंक लाइसेंस निरस्त करने के फैसले की जानकारी आधिकारिक तौर पर मिलने के 30 दिनों के भीतर-भीतर केंद्र सरकार के पास अपील दायर कर सकती है. ऐसे में केंद्र सरकार का फैसला अंतिम होगा.
आम जनता के हित से खिलवाड़ तो हुआ है लेकिन फिलहाल एक्सिस बैंक के मुद्दे पर रिजर्व बैंक ने कहा है कि एक्सिस बैंक का लाइसेंस निरस्त करने के लिए कोई कार्रवाई शुरु नहीं की गयी है.
एबीपी न्यूज ने एक्सिस बैंक के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर से भी इस मामले में बात की. उन्होंने भी ऐसी किसी खबर का खंडन किया. एबीपी न्यूज की पड़ताल में एक्सिस बैंक का लाइसेंस रद्द होने वाला दावा झूठा साबित हुआ है.
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Source: IOCL





















