सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर ममता बनर्जी की पार्टी का पहला रिएक्शन, कहा- 'ये किस तरह की...'
मशहूर शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जबरन जंतर-मंतर से हटाने पर ममता बनर्जी की टीएमसी का पहला बयान आया है. सागरिका घोष ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा.

परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे मशहूर शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जबरन जंतर-मंतर से हटा दिया है. उन्हें हिरासत में लेकर तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने मेरे साथ मारपीट की है. इसी बीच ममता की तृणमू्ल कांग्रेस का भी बयान आया है.
टीएमसी की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने पुलिस की इस कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने इसे सरकारी हिंसा करार दिया है. टीएमसी नेता ने पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर न्यूज एजेंसी एएनआई का एक वीडियो रि-पोस्ट करते हुए लिखा, "यह किस तरह की जबरदस्ती सरकारी हिंसा है? उन्होंने मोदी सरकार को नैतिक रूप से दिवालिया करार दिया.
What sort of shocking coercive state violence is this? The morally bankrupt @narendramodi regime only knows how to use the danda. UNACCEPTABLE https://t.co/TMdI2htVX1
— Sagarika Ghose (@sagarikaghose) July 18, 2026
सागरिका घोष ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि नैतिक रूप से दिवालिया नरेंद्र मोदी सरकार सिर्फ़ डंडे का इस्तेमाल करना जानती है, जो बिल्कुल भी मंजूर नहीं है. वहीं इस पूरे मामले को लेकर मीडिया से बात करते हुए कॉकरोच पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने पूरी बात बताई. उन्होंने कहा कि सुबह 7 बजे जब मैं फ्रेश होने के लिए बाहर निकला, तो पुलिस के गुंडे वहां आ गए और वे सोनम सर को गालियां देते हुए घसीटकर ले गए.
#WATCH | Delhi: Founding President of the Cockroach Janta Party, Abhijeet Dipke says, "At 7 AM, when I stepped out to freshen up, police goons arrived here. They dragged Sonam Sir away while hurling abuse at him. A 60-year-old man, who had been on a hunger strike for 20 days and… pic.twitter.com/Z21kIV68sd
— ANI (@ANI) July 18, 2026
हमें नहीं पता कि वे उन्हें कहां ले गए हैं- दीपके
अभिजीत दीपके ने कहा कि 60 साल के एक व्यक्ति, जो 20 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और जिन्होंने कुछ भी नहीं खाया था, उन्हें दिल्ली पुलिस जबरदस्ती घसीटकर ले गई. उन्होंने आगे कहा कि हमें नहीं पता कि वे उन्हें कहां ले गए हैं. जब मुझे यह खबर मिली तो मैं अपने दोस्त के घर से जंतर-मंतर जा रहा था, तो उस दौरान पुलिस ने मेरे साथ भी मारपीट की.
दिल्ली पुलिस को बताया आरएसएस का गुंडा
अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस को आरएसएस का गुंडा करार दिया है. उन्होंने कहा, "ये पुलिस अधिकारी नहीं हैं बल्कि ये आरएसएस के गुंडे हैं. मैं विदेश से अपने देश लौटा था, क्या मैं अपराधी हूं? वे गुंडे हैं पुलिस नहीं, बल्कि RSS के गुंडे हैं."
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