रेवंत रेड्डी ने BRS पर काला जादू करने का आरोप लगाया, बोले- भगवान हमारे साथ…
BRS ने अभी तक मुख्यमंत्री के काला जादू और अघोरी अनुष्ठानों के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. ये आरोप राज्य में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच लगाए गए हैं.

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विपक्षी पार्टी BRS पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया है कि सत्ता गंवाने के बाद पार्टी हताशा में काला जादू और अघोरी अनुष्ठानों का सहारा ले रही है. उन्होंने दावा किया कि इन कोशिशों के बावजूद, कांग्रेस की नेक नीयत की वजह से उस पर ईश्वरीय कृपा बनी हुई है.
एक जोशीले भाषण में रेड्डी ने कहा कि KCR और उनका परिवार, जिन्होंने दस साल तक तेलंगाना पर शासन किया और पच्चीस साल से राज्य की राजनीति में हैं, अब मौजूदा सरकार को श्राप देने के लिए पड़ोसी राज्यों में काले जादू जैसे अनुष्ठान कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि BRS के कुछ नेता कर्नाटक और तमिलनाडु तक गए ताकि अघोरी अनुष्ठान कर सकें, जिनका मकसद कांग्रेस सरकार के समय सूखा, मौतें और बदनामी लाना था.
मुख्यमंत्री की ये बातें TPCC अध्यक्ष महेश कुमार गौड द्वारा इसी तरह के आरोप लगाने के कुछ दिनों बाद आई हैं, और रेड्डी ने भी अपने कड़े आरोपों से इन बातों को और मज़बूत किया. रेड्डी ने BRS की कथित बुरी नीयत की तुलना कांग्रेस की जन-कल्याण के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता से की और कहा कि नेक नीयत के कारण भगवान उनकी सरकार की रक्षा कर रहे हैं.
BRS पर काला जादू का आरोप
उन्होंने अपनी क्षमताओं पर भी बात करते हुए कहा, "मैं बहुत ज़्यादा बुद्धिमान या बहुत पढ़ा-लिखा होने का दावा नहीं करता, लेकिन मेरे मन में लोगों का भला करने की सच्ची इच्छा है. सिर्फ़ यही एक इरादा भगवान की सुरक्षा और आशीर्वाद पाने के लिए काफ़ी है. " इन बयानों ने तेलंगाना की राजनीतिक लड़ाई में एक नया मोड़ ला दिया है, जिसमें सत्ताधारी पार्टी खुद को 'अच्छाई की ताकत' के तौर पर पेश कर रही है और विपक्ष को ऐसी पार्टी बता रही है जो तंत्र-मंत्र जैसी चीज़ों का सहारा ले रही है.
BRS ने अभी तक मुख्यमंत्री के काला जादू और अघोरी अनुष्ठानों के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. ये आरोप राज्य में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच लगाए गए हैं, जहाँ कांग्रेस सरकार को शासन से जुड़े कई मुद्दों पर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. रेड्डी का अपनी राजनीतिक बयानबाज़ी में धार्मिक और अलौकिक विषयों को शामिल करने का फ़ैसला दोनों पार्टियों के बीच ज़ुबानी जंग को और तेज़ करता है.
बीआरएस कर सकती है पलटवार
राजनीतिक विश्लेषक बारीकी से देख रहे हैं कि क्या BRS इन आरोपों का जवाब देगी या इन्हें महज़ राजनीतिक नौटंकी बताकर खारिज कर देगी. मुख्यमंत्री की इन बातों ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है, जहां यूज़र्स मुख्यधारा की राजनीतिक चर्चा में इस तरह के आरोपों के सही या गलत होने को लेकर बंटे हुए हैं. कांग्रेस सरकार ने BRS नेताओं पर काले जादू की रस्में करने के आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं दिया है.
ये आरोप अभी तक साबित नहीं हुए हैं और BRS ने अभी तक इस पर कोई औपचारिक खंडन या स्पष्टीकरण नहीं दिया है. तेलंगाना में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है और दोनों पार्टियां तीखी बयानबाजी कर रही हैं. अब सबकी नज़रें इस बात पर हैं कि BRS इन आरोपों का जवाब कैसे देती है और क्या कांग्रेस नैतिक रूप से बेहतर होने की अपनी छवि बनाए रख पाती है. इस घटना ने निस्संदेह तेलंगाना की राजनीति का पारा बढ़ा दिया है और चल रही राजनीतिक लड़ाई में एक अजीब मोड़ ला दिया है.






















