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NCP Crisis: 'ED की जांच के डर से BJP गठबंधन की सरकार में गए NCP विधायक', जानें और क्या बोले शरद पवार

Maharashtra Politics: अजित पवार का नाम लिए बिना सीनियर पवार ने कहा कि हमारे जो नेता एनडीए में शामिल हुए, उनमें से कई ED की जांच के दायरे में थे.

Sharad Pawar On Rebel MLAs: नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि हाल ही में हमारी पार्टी के कुछ लोग एजेंसियों की जांच के डर से एनडीए में शामिल हुए. उनमें से कई नेता प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के दायरे में थे और वे जांच का सामना करना नहीं चाहते थे. 

अपने भतीजे अजित पवार का नाम लिए बिना सीनियर पवार ने कहा, "हाल ही में हमारे कुछ लोग सरकार में शामिल हुए. वे कह रहे थे कि वे विकास के लिए सरकार में शामिल हो रहे हैं, लेकिन यह सच नहीं है. उनमें से कुछ लोग ईडी की जांच के दायरे में थे और वे जांच का सामना नहीं करना चाहते थे." 

अनिल देशमुख ने किया जांच का सामना- शरद पवार
सोशल मीडिया पर पार्टी की ओर से आयोजित एक मीटिंग में एनसीपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पवार ने कहा, "अनिल देशमुख जैसे कुछ लोगों ने जांच का सामना किया और जेल जाना स्वीकार किया. उन्होंने जेल में 14 महीने बिताए. उन्हें जांच से बचने के लिए उस पक्ष (बीजेपी) में शामिल होने की पेशकश भी की गई, लेकिन उन्होंने अपनी विचारधारा नहीं छोड़ी और एनसीपी नहीं छोड़ने के अपने फैसले पर अड़े रहे."

'जनता की समस्याओं पर ध्यान दे सरकार'
पवार ने कहा कि उन्होंने (अनिल देशमुख ने) कोई अपराध नहीं किया है और कानून का सामना करने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को महाराष्ट्र की जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए. राज्य कई समस्याओं का सामना कर रहा है. लोग बेरोजगारी जैसी समस्या से जूझ रहे हैं. वहीं, किसान भी पीड़ित हैं.

उपमुख्यमंत्री बने अजित पवार 
बता दें कि हाल ही में अजित पवार अपने समर्थक विधायकों के साथ महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए थे. इसके बाद उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, जबकि एनसीपी के आठ अन्य विधायकों ने भी जुलाई में मंत्री पद की शपथ ली थी. 

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