एजेंट के जाल में फंसी महिला मस्कट में 25 दिनों तक रही कैद, फिर एक कॉल और ऐसे लौटी भारत
KTR ने भरोसा दिलाया कि वह उनकी वापसी का खर्च खुद उठाएंगे. उनके हस्तक्षेप के बाद, BRS NRI सेल मस्कट के अध्यक्ष अहमद ने भारतीय दूतावास और मस्कट पुलिस के साथ मिलकर उनका पता लगाया.

BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने वारंगल की एक 45 वर्षीय महिला को बचाने और वापस लाने में मदद की. इस महिला को घरेलू काम का झांसा देकर टूरिस्ट वीजा पर मस्कट ले जाया गया था, जहां उसे 25 दिनों तक कैद में रखा गया और प्रताड़ित किया गया. मोहम्मद महमूदा 16 जुलाई को एक एजेंट के ज़रिए ओमान गई थीं.
आरोप है कि उन्हें एक सब-एजेंट को सौंप दिया गया, जिसने उनका मोबाइल और पासपोर्ट जब्त कर लिया, उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया और उनकी मर्जी के बिना काम करने के लिए मजबूर किया. उन्होंने कैद के दौरान शारीरिक हमले का भी आरोप लगाया. पत्रकारों के जरिए यह मामला KTR के संज्ञान में आया, जिसके बाद BRS नेता ने तुरंत कार्रवाई की.
केटीआर ने दिया मदद का भरोसा
KTR ने भरोसा दिलाया कि वह उनकी वापसी का खर्च खुद उठाएंगे. उनके हस्तक्षेप के बाद, BRS NRI सेल मस्कट के अध्यक्ष अहमद ने भारतीय दूतावास और मस्कट पुलिस के साथ मिलकर उनका पता लगाया. अहमद ने दुबई ETCA के अध्यक्ष पीचारा किरण कुमार के साथ मिलकर एक हफ़्ते तक ऑपरेशन चलाया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें कैद से आज़ाद कराया जा सका. उनकी रिहाई के लिए सब-एजेंट द्वारा मांगी गई 1.13 लाख की राशि का इंतजाम किया गया.
हैदराबाद लौटने पर महिला ने दिया धन्यवाद
महमूदा को भारतीय दूतावास लाया गया और उनकी सुरक्षित वापसी की व्यवस्था होने तक तीन दिनों तक सुरक्षा में रखा गया. मंगलवार को सब-एजेंट से उनका पासपोर्ट वापस मिल गया, जिससे उनकी वापसी का रास्ता साफ हो गया. हैदराबाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित पहुंचने के बाद, महमूदा ने KTR का आभार व्यक्त किया. उन्होंने तुरंत प्रतिक्रिया देने, खर्च उठाने का भरोसा दिलाने और अधिकारियों के साथ समन्वय करके उन्हें बचाने के लिए KTR को धन्यवाद दिया. उन्होंने मुश्किल समय में उनका साथ देने और परिवार के पास सुरक्षित लौटने में मदद करने के लिए भी उनका शुक्रिया अदा किया.
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केटीआर ने लोगों से की ये अपील
KTR ने यात्रा और अन्य खर्च खुद उठाए और अहमद, किरण कुमार, बालू कैथी और मनोज के प्रयासों की सराहना की. इस घटना के बाद, उन्होंने खाड़ी देशों में नौकरी की तलाश कर रहे लोगों से टूरिस्ट वीज़ा पर यात्रा न करने की अपील की. उन्होंने सलाह दी कि वे केवल वैध कंपनी-प्रायोजित वर्क वीजा के साथ ही यात्रा करें और भर्ती करने वालों की साख की अच्छी तरह से जांच-पड़ताल करें.
उन्होंने चेतावनी दी कि बिना जांच-पड़ताल वाले एजेंटों पर भरोसा करने से नौकरी चाहने वाले शोषण का शिकार हो सकते हैं. KTR ने कहा कि BRS खाड़ी देशों में मुश्किलों का सामना कर रहे तेलंगाना के लोगों की मदद करना जारी रखेगी और इसके लिए भारतीय मिशनों और स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाएगी.
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