एक्सप्लोरर

शहीद दिवस : आज ही के दिन भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे आजादी के परवानों ने फांसी के फंदे को चूमा था

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को 23 मार्च को ही फांसी दी गई थी.

नई दिल्ली: आज की तारीख 23 मार्च है और यह दिन बेहद खास दिन है. यह दिन इसलिए खास है क्योंकि आज शहीद दिवस है. इसी दिन अंग्रेजी हुकूमत को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर देने वाले भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी. इस पावन तारीख पर देश भर में इन शहीदों को याद किया जा रहा है. देश के प्रधानमंत्री समेत कई बड़े नेताओं ने आज भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को याद कर उन्हें नमन किया.

पीएम मोदी ने लिखा,'' आजादी के अमर सेनानी वीर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को शहीद दिवस पर शत-शत नमन. भारत माता के इन पराक्रमी सपूतों के त्याग, संघर्ष और आदर्श की कहानी इस देश को हमेशा प्रेरित करती रहेगी. जय हिंद.

वहीं कांग्रेस ने भी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि दी है.

भगत सिंह जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को अपने अदम्य साहस से झकझोर दिया था

''मेरे जज्बातों से इस कदर वाकिफ हैं मेरी कलम, मैं इश्क भी लिखना चाहूं तो इंकलाब लिखता हैं.'' यह पंक्ति मात्र नहीं बल्कि शहीद भगत सिंह का जीवन दर्शन है. यह वही भगत सिंह थे जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को अपने अदम्य साहस से झकझोर दिया था. यह वही भगत सिंह थे जिनके रग-रग में देशभक्ति और क्रांति थी.

जलियावाला बाग कांड का पड़ा असर

13 अप्रैल 1919 को बैसाखी वाले दिन रौलट एक्ट के विरोध में देशवासियों की जलियांवाला बाग में सभा हुई. अंग्रेजी हुकूमत को यह बात पसंद नहीं आई और जनरल डायर के क्रूर और दमनकारी आदेशों के चलते निहत्थे लोगों पर अंग्रेजी सैनिकों ने ताबड़बतोड़ गोलियों की बारिश कर दी. इस अत्याचार ने देशभर में क्रांति की आग को और भड़का दिया.

12 साल के भगत सिंह पर इस सामुहिक हत्याकांड का गहरा असर पड़ा. उन्होंने जलियांवाला बाग के रक्त रंजित धरती की कसम खाई कि अंग्रेजी सरकार के खिलाफ वह आजादी का बिगुल फूंकेंगे. उन्होंने लाहौर नेशनल कॉलेज की पढ़ाई छोड़कर 'नौजवान भारत सभा' की स्थापना कर डाली.

परिवार वालों ने डाला शादी के लिए दबाव तो छोड़ दिया घर

एक वक्त ऐसा भी आया जब भगत सिंह पर घरवालों ने शादी के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया लेकिन उनके लिए तो आजादी ही उनकी दुल्हन थी. घरवालों के दवाब से परेशान होकर उन्होंने घर भी छोड़ दिया था. उन्होंने घर छोड़कर जाते हुए कहा, ''मेरी जिंदगी बड़े मकसद यानी जिंदगी आजादी-ए-हिन्द के लिए समर्पित कर चुका हूं इसलिए मेरी जिंदगी में आराम और दुनियावी ख्वाहिशों के लिए कोई जगह नहीं.'' जब उन्हें बाद में शादी के लिए दवाब न दिए जाने का आश्वासन मिला तो वो घर लौटे.

‘सांडर्स-वध’, दिल्ली की सेंट्रल असेम्बली पर बम फेंका

अंग्रेजी सरकार के दमनकारी नीतियों के खिलाफ पंजाब केसरी लाला लाजपत राय शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे. तभी पुलिस अधीक्षक स्कॉट और उसके साथियों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चलाई. इसमें लाला लाजपत राय बुरी तरह घायल हो गए और अंतत: 17 नवंबर को उनका देहांत हो गया. लाला लाजपत राय के देहांत के बाद आजादी के इस मतवाले ने पहले लाहौर में ‘सांडर्स-वध’ किया और उसके बाद दिल्ली की सेंट्रल असेंबली में चंद्रशेखर आजाद और पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ बम-विस्फोट कर ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध खुले विद्रोह को बुलंदी दी.

शहीद भगत सिंह ने इन सभी कार्यो के लिए वीर सावरकर के क्रांतिदल अभिनव भारत की भी सहायता ली और इसी दल से बम बनाने के गुर सीखे. वीर स्वतंत्रता सेनानी ने अपने दो अन्य साथियों सुखदेव और राजगुरु के साथ मिलकर काकोरी कांड को अंजाम दिया, जिसने अंग्रेजों के दिल में भगत सिंह के नाम का खौफ पैदा कर दिया.

भगत सिंह की गिरफ्तारी

सेंट्रल असेम्बली पर बम फेंके जाने की घटना के बाद अंग्रेजी हुकूमत ने स्वतंत्रता सेनानियों की धर पकड़ शुरू कर दी. भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त की गिरफ्तारी हुई. दोनों पर सेंट्रल असेम्बली में बम फेकने को लेकर केस चला. सुखदेव और राजगुरू को भी गिरफ्तार किया गया. 7 अक्टूबर 1930 को फैसला सुनाया गया कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी पर लटकाया जाए जबकि बटुकेश्वर दत्त को उम्रकैद की सजा हुई.

जल में भगत सिंह का आखिरी वक्त ऐसे बीता

भगत सिंह को किताब पढ़ने का शौक था. उन्होंने आखिरी वक्त में 'रिवॉल्युशनरी लेनिन' नाम की किताब मंगवाई थी. उनके वकील प्राणनाथ मेहता उनसे मिलने पहुंचे. भगत सिंह ने किताब के बारे में पूछा. मेहता ने किताब दी और भगत सिंह फौरन उसे पढ़ने लगे. इसके बाद मेहता ने पूछा आप देश के नाम कोई संदेश देना चाहेंगे. भगत सिंह ने कहा, ''सिर्फ़ दो संदेश है साम्राज्यवाद मुर्दाबाद और 'इंक़लाब ज़िदाबाद.''

थोड़ी देर बाद भगत सिंह समेत राजगुरु और सुखदेव को फांसी देने के लिए जेल की कोठरी से बाहर लाया गया. आजादी के मतवालों ने मां भारती को प्रणाम किया और आजादी के गीत गाते हुए फंदे पर झूल गए.

यह भी देखें

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

दाऊद इब्राहिम का करीबी सलीम डोगा लाया गया भारत, इस्तांबुल से गिरफ्तारी के बाद किया गया डिपोर्ट
दाऊद इब्राहिम का करीबी सलीम डोगा लाया गया भारत, इस्तांबुल से गिरफ्तारी के बाद किया गया डिपोर्ट
Weather Forecast: आंधी बारिश के संग गिरेंगे ओले, IMD ने जारी की चेतावनी, यूपी-दिल्ली से बिहार-राजस्थान तक कैसा रहेगा मौसम
आंधी बारिश के संग गिरेंगे ओले, IMD ने जारी की चेतावनी, यूपी-दिल्ली से बिहार-राजस्थान तक कैसा रहेगा मौसम
Exit Poll 2026 Date: पश्चिम बंगाल में पहला चरण खत्म, असम-केरल-तमिलनाडु में वोटिंग पूरी, कब आएगा एग्जिट पोल?
पश्चिम बंगाल में पहला चरण खत्म, असम-केरल-तमिलनाडु में वोटिंग पूरी, कब आएगा एग्जिट पोल?
कब्र से निकाला बहन का कंकाल, सीधे बैंक लेकर पहुंच गया शख्स, देखते ही सबके फूल गए हाथ-पांव
कब्र से निकाला बहन का कंकाल, सीधे बैंक लेकर पहुंच गया शख्स, देखते ही सबके फूल गए हाथ-पांव

वीडियोज

Chitra Tripathi: वोट का 'धर्मयुद्ध', बंगाल में कौन जीतेगा? | West Bengal Election | Mamata Banerjee
Breaking News: एक तरफ प्रचार, दुसरी तरफ हमला...TMC बना निशाना! | West Bengal Election | Voilence
West Bengal Election 2026: बंगाल में Modi-Yogi-Shah का Road Show | Mamata Banerjee | TMC | BJP
Trump News: ट्रंप को मारने आए शख्स Cole Tomas Allen का सच जानकर उड़ जाएंगे होश! | Secret Service
Kejriwal vs Justice Swarna Kanta: केजरीवाल का खुला विद्रोह, सत्याग्रह का ऐलान! | Delhi High Court

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दाऊद इब्राहिम का करीबी सलीम डोगा लाया गया भारत, इस्तांबुल से गिरफ्तारी के बाद किया गया डिपोर्ट
दाऊद इब्राहिम का करीबी सलीम डोगा लाया गया भारत, इस्तांबुल से गिरफ्तारी के बाद किया गया डिपोर्ट
गुजरात AAP विधायक चैतर वसावा और मृतक श्रमिक के रिश्तेदार ने एक-दूसरे को मारे थप्पड़! वीडियो आया सामने
गुजरात AAP विधायक चैतर वसावा और मृतक श्रमिक के रिश्तेदार ने एक-दूसरे को मारे थप्पड़! वीडियो आया सामने
PM मोदी ने अपने 'दोस्तों' के साथ खेला फुटबॉल, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
PM मोदी ने अपने 'दोस्तों' के साथ खेला फुटबॉल, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
IPL Playoffs Scenario: क्या RCB की प्लेऑफ में जगह पक्की? शर्मनाक हार के बाद DC की उम्मीदों को लगा झटका; समझिए समीकरण
क्या RCB की प्लेऑफ में जगह पक्की? शर्मनाक हार के बाद DC की उम्मीदों को लगा झटका; समझिए समीकरण
सुहागन की तरह आखिरी विदाई चाहती थीं स्मिता पाटिल, अमिताभ बच्चन के सामने हुआ मेकअप
सुहागन की तरह आखिरी विदाई चाहती थीं स्मिता पाटिल, अमिताभ बच्चन के सामने हुआ मेकअप
संयुक्त राष्ट्र में US-तेहरान में हुई जोरदार भिड़ंत, अमेरिका की एक नहीं चली, ईरान को मिल गई ये बड़ी जिम्मेदारी
संयुक्त राष्ट्र में US-तेहरान में हुई जोरदार भिड़ंत, अमेरिका की एक नहीं चली, ईरान को मिल गई ये बड़ी जिम्मेदारी
Kitchen Gardening: अपने घर के किचन गार्डन में ऐसे शुरू करें हल्दी की खेती, मसालों की खत्म हो जाएगी टेंशन
अपने घर के किचन गार्डन में ऐसे शुरू करें हल्दी की खेती, मसालों की खत्म हो जाएगी टेंशन
Snake Naming: किंग कोबरा से लेकर पायथन तक...कौन रखता है सांपों के नाम, जानें क्या‌ होती है प्रकिया
किंग कोबरा से लेकर पायथन तक...कौन रखता है सांपों के नाम, जानें क्या‌ होती है प्रकिया
Embed widget