'सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा', CJP के सौरभ दास ने किस पर लगाया आरोप?
सौरभ दास ने कहा है कि अगर इस वजह से असामाजिक तत्व मेरे घर पर मुझ पर हमला करते हैं, तो ये यूट्यूबर्स और उनके ट्रोल हैंडलर्स सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे. वो लोग भी होंगे, जो इसे कॉर्डिनेट कर रहे हैं.

कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने कुछ यूट्यूबर्स और मीडिया चैनलों पर गंभीर आरोप मढ़े हैं. उन्होंने बुधवार (5 अगस्त 2026) को कहा है कि वे उनके घर के अंदर घुस आए. अंदर के दृश्य दिखाए. इसे प्राइवेसी का उल्लंघन और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है. दास ने कहा है कि अगर इस वजह से असामाजिक तत्व मेरे घर पर मुझ पर हमला करते हैं, तो ये यूट्यूबर्स और उनके ट्रोल हैंडलर्स सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे. वो लोग भी होंगे, जो इसे कॉर्डिनेट कर रहे हैं.
इससे पहले उन्होंने सीजेपी के पार्टी नेताओं और समर्थकों की आलोचना का जिक्र किया था. इसमें उन्होंने कहा था, कोई कृपया भविष्य के सीजेपी स्टैंड अप कॉमेडी स्पेशल के लिए इन सभी कहानियों को इकट्ठा करे.
🚨#SOS: Certain YouTubers and media channels have broken into my house and are showing the visuals from inside. It’s not just an invasion of my privacy but also a grave security threat for me and my family.
— Saurav Das (@SauravDassss) August 5, 2026
If anti-social elements attack me at my residence as a result of this,…
कौन हैं सौरभ दास, सीजेपी के मुख्य चेहरों में कौन-कौन शामिल?
सौरभ दास के बारे में जो हालिया जानकारी मौजूद हैं, वो यह कि वह एक पत्रकार हैं. डेटा, लीगल रिपोर्टिंग करते हैं. साथ ही इन्हें कानूनी संदर्भों में बेहतरीन तरीके से पेश करते हैं. वह सीजेपी के सबसे प्रमुख प्रतिनिधियों में से एक हैं. वह जंतर मंतर के आंदोलन के दौरान पार्टी के डेलीगेशन के मुख्य चेहरों में रहे हैं.
सौरभ दास को मीडिया में उस समय ज्यादा सुर्खियां मिली, जब उन्होंने बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत के साथ एक सार्वजनिक बहस के दौरान सभी का ध्यान खींचा. सौरभ ने साल 2016 से 2019 के बीच पत्रकारिता और मास कम्युनिकेसन में ग्रेजुएशन किया है. उन्होंने 18 साल की उम्र से ही आरटीआई के कानून का इस्तेमाल शुरू कर दिया था. इस दौरान उन्होंने सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और न्यायिक जवाबदेही पर कई खुलासे किए हैं.
सौरभ के अलावा सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके, नीति रणनीतिकार आशुतोष रांका और वकील रत्ना सिंह भी जंतर मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान मुख्य लोगों में रहे हैं.























