अशांत कश्मीर में सोशल मीडिया सहित पाकिस्तान और सऊदी अरब के चैनलों पर बैन

जम्मू: करीब एक महीने से कश्मीर घाटी अशांत है. एक तरफ स्कूली बच्चे जवानों पर पत्थर बरसा रहे हैं, तो दूसरी तरफ आतंकवादियों के हमले भी तेज़ हो गए हैं. हालात पर काबू पाने के लिए फेसबुक और व्हाट्स एप सहित सोशल मीडिया पर बैन है, अब वहां पाकिस्तान और सऊदी अरब के चैनलों को भी बंद कर दिया गया है. इन चैनलों पर देश विरोधी भावना और धार्मिक कट्टरता भड़काने का आरोप है.
सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर का कहना है, ‘’अगर कश्मीर में कोई रिपोर्ट है तो वहां के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और सरकारी अधिकारी उनका उपकरण जब्त कर सकते हैं और उसके ऊपर एक्शन ले सकते हैं.’’
पिछले साल आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद भड़की हिंसा के बाद घाटी में सभी पाकिस्तानी चैनलों पर बैन लगा दिया गया था, लेकिन तब भी केबल ऑपरेटर इन चैनलों का प्रसारण कर रहे थे.
घाटी के लोग डीटीएच की बजाए लोकल केबल को ही प्राथमिकता देते हैं. अकेले श्रीनगर में 50 हजार से ज्यादा केबल कनेक्शन हैं. इनपर पाकिस्तान और सउदी अरब के 50 से भी ज्यादा चैनल चल रहे थे, इसमें ज़ाकिर नाईक का प्रतिबंधित चैनल पीस टीवी भी शामिल है.
हालांकि चैनल बंद किए जाने से स्थानीय लोगों में नाराज़गी है, उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर पहले ही बैन लगाया जा चुका है अब टीवी पर भी गिनती के चैनल ही देखने को मिल रहे हैं.
दरअसल ज्यादातर पाकिस्तानी चैनलों पर भारत और सेना विरोधी खबरें चलायी जाती हैं, जिससे घाटी के माहौल के बिगड़ने का खतरा रहता है, इसीलिए सरकार ऐसे चैनलों पर बैन लगा चुकी है.
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