'FCRA संशोधन बिल को...', मिजोरम CM ने सरकार से की ये मांग
FCRA के इस संशोधन में एक पावरफुल अथॉरिटी बनाने का प्रस्ताव है. यह उन नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन की प्रॉपर्टी को जब्त और बैन कर सकेगी, जिनका लाइसेंस रद्द हो गया.

मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने रविवार (9 अगस्त) को अहम फैसला लिया है. यह फैसला केंद्र से प्रस्तावित विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने से जुड़ा है. राज्य सरकार ने जेपीसी के पास भेजने का आग्रह किया है. इससे कानून को अंतिम रूप देने से पहले विचार विमर्श किया जा सके.
इस संशोधन में एक पावरफुल अथॉरिटी बनाने का प्रस्ताव है. यह उन नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन की प्रॉपर्टी को जब्त और बैन कर सकेगी, जिनका लायसेंस रद्द हो गया. प्रस्तावित संशोधनों ने ईसाई बहुल मिजोरम की तरफ ध्यान आकर्षित किया है. यहां चर्चों और नागरिक समाज संगठनों ने उन प्रावधानों पर चिंता जताई है, जो उनके अनुसार विदेश अंशदान प्राप्त करने वाल ग्रपों को प्रभावित कर सकते है.
मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने की गृहमंत्री शाह से मुलाकात
मुख्यमंत्री ने कहा, 'हाल ही में नई दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह जी से मुलाकात हुई. उनके साथ राज्य भर के विभिन्न ईसाई संप्रदायों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे. इनमें मिजोरम कोहरन हुइतुते समिति (MKHC) और काउंसिल ऑफ चर्चेस इन मिजोरम (CCM) के नेता भी थे.'
उन्होंने बताया, 'बैठक के दौरान डेलीगेशन ने प्रस्तावित कानून के कुछ प्रावधानों के बारे में अपनी चिंताएं और सुझाव शाह के सामने रखे. केंद्रीय गृह मंत्रालय को ज्ञापन भी सौंपा.' लालदुहोमा ने कहा, 'विधेयक को जेपीसी के पास भेजने से देश के विभिन्न हिस्सों और विभिन्न हितधारकों की चिंताओं और सुझावों की जांच अंतिम रूप से पारित होने से पहले की जा सकेगी.'
मुख्यमंत्री ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, 'लोकतांत्रिक परामर्श की भावना के साथ, हम केंद्र सरकार से सम्मानपूर्वक अपील करते हैं. वह विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजे.' इसके अलावा उन्होंने कहा कि इससे कानून को अंतिम रूप देने से पहले देश के कई हिस्सों और हितधारकों की चिंताओं और सुझावों की सावधानीपूर्वक जांच और विचार करने का अवसर मिलेगा. इसके अलावा उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र समावेशी, पारदर्शी और परामर्श आधारित नीति निर्माण के व्यापक हित में इस अनुरोध पर विचार करेगा.
12 अगस्त को संशोधन विधेयक पर होगी सदन में चर्चा
मुख्यमंत्री ने कहा, 'विवादित संशोधन विधेयक पर 12 अगस्त को संसद में चर्चा और पारित करने के लिए विचार किया जाए. हालांकि, यह पिछली तारीख से लागू नहीं होगा. इससे पहले राज्य में कांग्रेस सरकार से विधानसभा सत्र बुलाने का आग्रह कर चुकी है. इसके अलावा प्रस्तावित बिल के विरोध में 11 अगस्त को आइजोल में मार्च भी निकाला जाएगा.'























