एक्सप्लोरर

विजयदशमी विशेष: निराला के राम कैसे हैं तुलसी और वाल्मीकि के राम से अलग?

निराला ने जिस तरह से "राम की शक्ति पूजा" में राम के इंसानी रूप को दिखाया है वो पहले कभी देखने को नहीं मिला था. दूसरी रामयणों से अलग यहां पर राम डरते भी है घबराते भी हैं और रोते भी हैं. राम की शक्ति पूजा राम के मानवीय रूप का दर्पण है.

मर्यादा पुरुषोत्तम दशरथ नंदन श्रीराम की छवि हमारे मन में एक दैवीय पुरुष की बनी हुई है. यह राम किसी भी परिस्थितियों में विचलित नहीं होते हैं, हमेशा धीर-गंभीर और शांत रहते हैं. राम के चरित्र का वर्णन करने वाले कई कवियों ने हमेशा उनके दैवीय चरित्र का ही वर्णन किया है. इन कवियों के वर्णन में राम कहीं अपनी चरण की धूल से शिला में प्राण डाल देते हैं तो कहीं क्रोध में आकर समुद्र ही सुखाने को आतुर हो जाते हैं. मगर महाप्राण 'निराला' के राम मानवीय राम हैं, धीरोदात्त नायक हैं. वह राम परिस्थितियों से डरते भी हैं और विलाप भी करते हैं. सुर्यकांत त्रिपाठी निराला ने अपनी अमर कृति 'राम की शक्ति पूजा' में मानवीय राम की करुणा और वेदना का मणिकांचन संयोग प्रस्तुत किया है.

विजयदशमी विशेष: निराला के राम कैसे हैं तुलसी और वाल्मीकि के राम से अलग?

'रवि हुआ अस्त; ज्योति के पत्र पर लिखा अमर रह गया राम-रावण का अपराजेय समर'

क्या रावण को हराना नामुमकिन है?

निराला ने 'राम की शक्ति पूजा' की शुरुआत करते समय ही लिखा है कि राम-रावण का युद्ध सिर्फ एक बार नहीं हुआ है बल्कि, ये तो वो अपराजेय युद्ध है जो हर समय पर चलता रहेगा. निराला बताते हैं लंका के राजा रावण जिसके पास बहुत सी मायावी शक्तियां हैं उनसे अयोध्या के भावी सम्राट और पिता की आज्ञा पर वनवास काट रहे राम की पत्नी सीता का हरण कर लिया है. राम अपनी पत्नी के लिए रावण से युद्ध करते हैं. लेकिन रावण अपने समय का सबसे ताकतवर और बुद्धिमान व्यक्ति है. उसे हराना लगभग नामुमकिन सा है. फिर भी राम, सीता को मुक्त करवाने के लिए युद्ध करते हैं. युद्ध जिस तरह से चल रहा और रावण की सेना जिस तरह से राम की सेना का नाश कर रही है उससे लगता नहीं की राम कभी ये युद्ध जीत पाएंगे.

राम के जरिए निराला अपनी व्याकुलता को प्रकट करते हैं

युद्ध के आरंभ से ही राम को यह आभास होता है कि जैसे रावण देवी की गोद में बैठकर युद्ध कर रहा है. यहीं पर निराल अपनी प्रतीभा का सबसे बड़ा चमात्कार दिखाते हैं. दूसरी रामायणों में जहां राम किसी भी परिस्थिती में व्याकुल होते हैं पर डरते नहीं हैं. लेकिन यहां पर राम एक आम इंसान की तरह कमजोर होकर डर जाते हैं. उनका मन घबराने लगता है. वो खुद को कमजोर महसूस करने लगते हैं. यहां पर तो राम की हार तय हो चुकी है. ये परिस्थिती वही है जिनसे निराला खुद गुजर रहे हैं. अपनी बेटी को खोने का दुख राम के रूप में निराल के साहित्य में नजर आता है. इस वक्त निराल भी डर रहे हैं, वो भी घबरा रहे हैं. जिस तरह संकट के हालात में घर के बड़े आगे आकर सही-गलत का रास्ता बताते हैं उसी तरह, तब राम की सेना के सबसे वयोवृद्ध सबसे अनुभवी जामवंत सामने आते हैं. जामवंत राम को 108 शतदल कमल से देवी की आराधना करने के लिए कहते हैं. अंधेरे में जैसे इंसान रोशनी की तरफ व्याकुल होकर भागता है वैसे ही, राम, हनुमान को आदेश देते हैं कि वो देवी के अनुष्ठान के लिए 108 शतदल कमल लेकर आयें.

 जब राम देवी को चढ़ाने जाते हैं अपने नयन 

कमल लाने के बाद राम देवी की आराधना शुरू करते हैं. धीरे-धीरे राम अपनी कुण्डलिनी जाग्रत करने में लगे हैं. वो एक के बाद एक चक्र को चक्र पार करते जा रहे हैं. राम हर जप को पूरा करने के बाद एक शतदल कमल देवताओं को अर्पित करते जाते हैं. तब तक युद्ध को 6 दिन बीते चुके हैं लेकिन राम युद्ध से दूर देवी को प्रसन्न करने की कोशिश कर रहे हैं. छठे दिन राम का मन आज्ञा-चक्र पर समासित हुआ. इसके बाद राम जैसे ही अपनी त्रिकुटी पर ध्यान लगाते हैं अकाश में कम्पन शुरू हो जाता हैं. आठवें दिन राम का मन त्रिदेवों के स्तर से भी आगे निकल जाता है. राम ब्रह्माण्ड की सभी शक्तियों को अपने अधीन कर लेते हैं.

यहां पर अब राम की असली परीक्षा शुरू होती है. राम अंतिम मंत्र पढ़कर देवी को चढ़ाने के लिए आखिरी कमल ढूंढ़ते हैं लेकिन कमल उसकी जगह पर नहीं है. अब क्या होगा क्या पूरी पूजा खंडित हो जाएगी. यहां राम फिर से घबरा जाते हैं. पूजा में इतना बड़ा विघ्न अब क्या होगा. यहां पर राम ने इतनी शक्तियां पा ली हैं लेकिन वो फिर से आम इंसान की तरह घबरा जाते हैं. तभी राम को याद आता है कि बचपन में माता कौशल्या उन्हें राजीव लोचन(कमल जैसी आंख) बुलाती थी. राम अपनी पूजा को संपन्न करने के लिए अपने पास पड़े तीर को उठाते हैं. राम देवी को अपना नेत्र चढ़ा कर पूजा को संपन्न करना चाहते हैं. लेकिन जैसी ही राम तीर को अपनी आंख के पास ले जाते हैं अचानक ही चारों तरफ रोशनी छा जाती है और देवी बिजली की तेजी से राम के हाथ को रोक देती हैं. देवी आराधना से प्रसन्न होकर राम को आशिर्वाद देती हैं- ‘होगी जय, होगी जय, हे पुरुषोत्तम नवीन !’. इतना कहने के बाद देवी राम के मुख में लीन हो जाती हैं.

"होगी जय, होगी जय, हे पुरूषोत्तम नवीन कह महाशक्ति राम के वदन में हुई लीन.''

  निराला के जीवन का प्रभाव दिखता है निराला ने जिस समय राम की शक्ति पूजा को रचा वो उनके जीवन का सबसे तकलीफों से भरा हुआ समय था. कमजोर आर्थिक स्थिती के कारण निराला की एकमात्र पुत्री सरोज की निधन हो गया था. निराला ने बचनप में ही अपनी मां को खो दिया उसके बाद जवानी में उनकी पत्नी का निधन हो गया. इन सब के बाद भी निराला अपनी बेटी सरोज के बारे में सोच कर संतोष कर लेते थे. लेकिन जिन परिस्थितियों में सरोज की मृत्यु हुई उसने निराला को भावनात्नक रूप से झकझोर कर रख दिया. राम की शक्ति पूजा को पढ़ते वक्त पाठक को राम जिस तरह से व्याकुल दिखाई देते हैं असल में वो निराल की व्याकुला का ही प्रतिनिध्व करते नजर आते हैं.

हम सभी समाज से सीखते हैं पर कोई राम तो कोई रावण हो जाता है!

निराला के इस सारे महाकाव्य में राम कहीं भी दैवीय नहीं हैं वो सिर्फ एक आम इंसान है. एक आम इंसान को जो डरा हुआ है. राम की ये व्याकुलता असल में निराला की भी बैचेनी है, ये घबराहट निराला की भी है. निराला ने यहां पर समाज को अद्भुत संदेश भी दिया है.  निराला बताते हैं आखिर में देवी राम के अंदर ही लीन हो जाती हैं. लेकिन इन्हीं देवी ने तो रावण को अपने चरण में जगह दी है. अब यही देवी राम की भी रक्षा कर रही हैं. दोनों की एक ही प्रेरणा है फिर भी दोनों इतने अलग-अलग कैसे हैं. यहां पर निराला बताते हैं हम जिस समाज है वहां पर सभी के लिए समान स्थितियां हैं. लेकिन फिर भी इसी समाज से सब कुछ सीखकर भी कुछ राम बन जाते हैं तो कुछ रावण हो जाते हैं.

 
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

ओडिशा के SCB मेडिकल कॉलेज के ICU में भीषण आग, 10 मरीजों की मौत, 5 गंभीर
ओडिशा के SCB मेडिकल कॉलेज के ICU में भीषण आग, 10 मरीजों की मौत, 5 गंभीर
Rajya Sabha Elections 2026: राज्यसभा चुनाव के लिए बड़ा खेल! आज वोटिंग, बिहार, ओडिशा और हरियाणा में कड़ी टक्कर, जानें क्या है नंबर गेम
राज्यसभा चुनाव के लिए बड़ा खेल! आज वोटिंग, बिहार, ओडिशा और हरियाणा में कड़ी टक्कर, जानें क्या है नंबर गेम
राहुल गांधी ने की कांशीराम के लिए भारत रत्न की मांग तो भाजपा ने कसा तंज, कहा- 2014 से पहले कभी याद नहीं आई..
राहुल गांधी ने की कांशीराम के लिए भारत रत्न की मांग तो भाजपा ने कसा तंज, कहा- 2014 से पहले कभी याद नहीं आई..
Piyush Goyal On Indian Economy: 'युद्ध के कारण थोड़े समय के लिए अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा, लेकिन भारत...', मिडिल ईस्ट में छिड़े जंग के बीच पीयूष गोयल का बड़ा बयान
'अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा, लेकिन भारत...', ईरान युद्ध के बीच पीयूष गोयल का बड़ा बयान

वीडियोज

Sansani:अलविदा माफ करना हरीश! |Ghaziabad | Crime News
Maharashtra News: नवी मुंबई में मौत का तांडव! युवक ने फुटपाथ पर चढ़ाई Scorpio...! | Road Saftey
Iran Israel War: कौन हैं Mojtaba Khamenei? 25 कहानियों मेंसमझिए ईरान की सत्ता का पूरा गणित! | Trump
Iran Israel War: ईरान के ताबड़तोड़ हमले जारी...कैसे रोकेगा इजरायल? | Trump | Breaking
Sandeep Chaudhary: 21 दिन..निष्पक्ष चुनाव कैसे संभव? विश्लेषकों का सटीक विश्लेषण | Election 2026

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
होर्मुज में जहाजों को एस्कॉर्ट करेगा अमेरिका? ट्रंप कब करेंगे ऐलान, 7 देशों संग बन रहे प्लान
होर्मुज में जहाजों को एस्कॉर्ट करेगा अमेरिका? ट्रंप कब करेंगे ऐलान, 7 देशों संग बन रहे प्लान
UP Weather: यूपी में आज भी बारिश का अलर्ट, 40 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी
यूपी में आज भी बारिश का अलर्ट, 40 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी
Rajya Sabha Elections 2026: राज्यसभा चुनाव के लिए बड़ा खेल! आज वोटिंग, बिहार, ओडिशा और हरियाणा में कड़ी टक्कर, जानें क्या है नंबर गेम
राज्यसभा चुनाव के लिए बड़ा खेल! आज वोटिंग, बिहार, ओडिशा और हरियाणा में कड़ी टक्कर, जानें क्या है नंबर गेम
‘यहां कोई चैरिटी लीग खेलने नहीं आया है…’ पहले सलमान अली आगा को रन आउट कर चिढ़ाया, फिर लिटन दास ने दिया तीखा जवाब
‘यहां कोई चैरिटी लीग खेलने नहीं आया है…’ पहले सलमान अली आगा को रन आउट कर चिढ़ाया, फिर लिटन दास ने दिया तीखा जवाब
'केडी: द डेविल' के नए गाने ने मचाया धमाल, 'सरके चुनर तेरी सरके' में नोरा फतेही और संजय दत्त ने लगाई आग
'केडी: द डेविल' के नए गाने ने मचाया धमाल, 'सरके चुनर तेरी सरके' में नोरा फतेही और संजय दत्त ने लगाई आग
LPG Crisis: 'सप्लाई सामान्य है, कालाबाजारी रोकने के लिए...', दिल्ली में LPG संकट के बीच सरकार का बयान
'सप्लाई सामान्य है, कालाबाजारी रोकने के लिए...', दिल्ली में LPG संकट के बीच सरकार का बयान
कैसे बना था आपका पसंदीदा 'स्ट्रेस बस्टर' बबल रैप, इंजीनियरों की एक गलती ने किस तरह रचा इतिहास?
कैसे बना था आपका पसंदीदा 'स्ट्रेस बस्टर' बबल रैप, इंजीनियरों की एक गलती ने किस तरह रचा इतिहास?
Eid Skincare Tips: ईद पर बरसाना है अपने चेहरे का नूर, घर पर ही शुरू कर दें देसी फेशियल
ईद पर बरसाना है अपने चेहरे का नूर, घर पर ही शुरू कर दें देसी फेशियल
Embed widget