एक्सप्लोरर

राजस्थान: राज्यपाल ने विधानसभा सत्र बुलाने के लिए सरकार से फिर मांगा संशोधित प्रस्ताव

पिछले चार दिन में राज्यपाल ने दूसरी बार सरकार के प्रस्ताव को कुछ 'पॉइंट' उठाते हुए लौटाया है.

जयपुरः राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने राज्य सरकार से कहा है कि वह विधानसभा सत्र बुलाने के अपने प्रस्ताव को फिर से उनके पास भेजे. राज्यपाल ने सरकार के संशोधित प्रस्ताव को सरकार को तीन बिंदुओं के साथ लौटा दिया है. इसके साथ ही इसमें राजभवन की ओर से कहा गया है कि यदि राज्य सरकार विश्वास मत हासिल करना चाहती है तो यह अल्पावधि में सत्र बुलाए जाने का युक्तिसंगत आधार बन सकता है.

4 दिन में दूसरी बार प्रस्ताव लौटाया

उल्लेखनीय है कि पिछले चार दिन में राज्यपाल ने दूसरी बार सरकार के प्रस्ताव को कुछ 'पॉइंट' उठाते हुए लौटाया है और कहा है कि विधानसभा सत्र संवैधानिक प्रावधानों के अनुकूल आहूत होना आवश्यक है. इसके साथ ही राजभवन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि विधानसभा सत्र न बुलाने की कोई भी मंशा राजभवन की नहीं है.

राजभवन के एक अधिकारी के अनुसार राज्य सरकार ने शनिवार रात को जो संशोधित कैबिनेट प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा गया था उसमें विधानसभा सत्र 31 जुलाई से बुलाने की बात थी, लेकिन राज्यपाल ने रेखांकित किया है कि इसके लिए 21 दिन का स्पष्ट नोटिस देना होगा. अधिकारी ने कहा,‘‘इसके अनुसार विधानसभा सत्र बुलाए जाने की प्रस्तावित तारीख अब बदलनी होगी.’’

सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने विधानसभा सत्र बुलाने की राज्य सरकार की संशोधित पत्रावली को तीन बिंदुओं पर कार्यवाही कर पुन: उन्हें भिजवाने के निर्देश के साथ संसदीय कार्य विभाग को भेजी है. इससे पहले राज्यपाल ने सरकार के प्रस्ताव को कुछ बिंदुओं पर कार्यवाही के निर्देश के साथ लौटाया था.

इन 3 बिन्दुओं पर मांगा जवाब

राजभवन ने तीन बिंदुओं पर कार्यवाही किए जाने का समर्थन देते हुए पत्रावली पुन: प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं इनमें पहला बिंदु यह है कि विधानसभा सत्र 21 दिन का स्पष्ट नोटिस देकर बुलाया जाए जिससे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 के अंतर्गत प्राप्त मौलिक अधिकारों की मूल भावना के अंतर्गत सभी को समान अवसर सुनिश्चित हो सके.

राजभवन की ओर से जारी एक बयान के अनुसार राज्यपाल मिश्र ने कहा है कि विधानसभा सत्र संवैधानिक प्रावधानों के अनुकूल आहूत होना आवश्यक है.इसके अनुसार राज्यपाल मिश्र ने संविधान के अनुच्छेद 174 के अन्तर्गत परामर्श देते हुए विधानसभा का सत्र आहूत किये जाने हेतु कार्यवाही किये जाने के निर्देश राज्य सरकार को दिए हैं.

मिश्र ने कहा है कि विधानसभा सत्र न बुलाने की कोई भी मंशा राजभवन की नहीं है. बयान के अनुसार राज्यपाल मिश्र द्वारा संवैधानिक एवं नियमावलियों में विहित प्रक्रिया तथा प्राविधानों के अनुरूप ही कार्य किये जाने का निश्चय दोहराया गया है.

इसमें कहा गया है, ‘‘प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रानिक मीडिया में राज्य सरकार के बयान से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव लाना चाहती है परंतु सत्र बुलाने के प्रस्ताव में इसका उल्लेख नहीं है. यदि राज्य सरकार विश्वास मत हासिल करना चाहती है तो यह अल्पावधि में सत्र बुलाए जाने का युक्तिसंगत आधार बन सकता है.’’

इसके पहले बिंदु में कहा गया है, ‘‘विधानसभा का सत्र 21 दिन का स्पष्ट नोटिस देकर बुलाया जाये जिससे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 के अन्तर्गत प्राप्त मौलिक अधिकारों की मूल भावना के अन्तर्गत सभी को समान अवसर की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके. अत्यंत महत्वपूर्ण सामाजिक व राजनैतिक प्रकरणों पर स्वस्थ बहस देश की शीर्ष संस्थाओं यथा माननीय उच्चतम न्यायालय,  माननीय उच्च न्यायालय आदि की भांति ऑनलाइन प्लेटफार्म पर किये जा सकते है ताकि सामान्य जनता को कोविड-19 के संक्रमण से बचाया जा सके.’’

प्लोर टेस्ट का हो लाइव टेलीकास्ट

राजभवन की ओर से जो दूसरा बिंदु उठाया गया है वह है कि,‘‘यदि किसी भी परिस्थिति में विश्वस मत हासिल करने की विधानसभा सत्र में कार्यवाही की जाती है तब ऐसी परिस्थितियों में जबकि माननीय अध्यक्ष महोदय द्वारा स्वयं माननीय उच्च्तम न्यायालय में विशेष अनुज्ञा याचिका दायर की है. विश्वास मत प्राप्त करने की सम्पूर्ण प्रक्रिया संसदीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव की उपस्थिति में की जाये तथा सम्पूर्ण कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग करायी जाए तथा ऐसा विश्वास मत केवल हां या ना के बटन के माध्यम से ही किया जाये। यह भी सुनिश्चत किया जाये कि ऐसी स्थिति में विश्वास मत का लाइव प्रसारण किया जाये’’

सोशल डिस्टेंसिंग का पालना

तीसरे बिंदु में सरकार से कहा गया है, ‘‘यह भी स्पष्ट किया जाये कि यदि विधानसभा का सत्र आहूत किया जाता है तो विधानसभा के सत्र के दौरान सामाजिक दूरी का पालन किस प्रकार किया जाएगा. क्या कोई ऐसी व्यवस्था है जिसमें 200 विधायक और 1000  से अधिक अधिकारी/कर्मचारियों को एकत्रित होने पर उनको संक्रमण का कोई खतरा नहीं हो और यदि उनमें से किसी को संक्रमण हुआ तो उसे अन्य में फैलने से कैसे रोका जायेगा’’

राज्यपाल मिश्र ने कहा है, ‘‘जैसा कि मुझे मालूम है कि राजस्थान विधानसभा में 200 विधायक और 1000  से अधिक अधिकारी/कर्मचारियों के एक साथ सामाजिक दूरी का पालन करते हुए बैठने की व्यवस्था नहीं है जबकि संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए आपदा प्रबन्धन अधिनियम एवं भारत सरकार के दिशानिर्देशों का पालन किया जाना आवश्यक है’’

राजभवन की ओर से कहा गया है, ‘‘चूंकि वर्तमान में परिस्थितियां असाधारण हैं,  इसलिए राज्य सरकार को तीन बिन्दुओं पर कार्यवाही किये जाने का परामर्श देते हुए राजभवन द्वारा पत्रावली पुनः प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं.

यह भी पढ़ें-

बुधवार को भारत पहुंचेगा राफेल लड़ाकू विमान, कांग्रेस बोली- स्वागत है, लेकिन..

देश में चीनी मोबाइल कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी 9 फीसदी घटी, भारत का डिजिटल अटैक हो रहा सफल

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

30 दिन जेल में रहे तो जाएगी PM-CM की कुर्सी! मोदी सरकार के इस बिल से संसद के मानसून सत्र में मचेगा गदर
30 दिन जेल में रहे तो जाएगी PM-CM की कुर्सी! केंद्र के इस बिल से संसद के मानसून सत्र में मचेगा गदर
इंसानियत की मिसाल! भारतीय सेना ने रास्ता भटके PoK के युवक को सुरक्षित भेजा वापस
इंसानियत की मिसाल! भारतीय सेना ने रास्ता भटके PoK के युवक को सुरक्षित भेजा वापस
‘आरोपियों को अपने किए पर बहुत पछतावा’, राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बड़ा खुलासा
‘आरोपियों को अपने किए पर बहुत पछतावा’, राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बड़ा खुलासा
प्रधानमंत्री मोदी को ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले जान से मारने की धमकी, मेलबर्न पुलिस ने शुरू की जांच
प्रधानमंत्री मोदी को ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले जान से मारने की धमकी, मेलबर्न पुलिस ने शुरू की जांच

वीडियोज

Ram Mandir Chori News | Shastrarth: राम जी का धन.राम जी की जमीन,लुटेरे ले गए छीन! | UP News | ABP
Ram Mandir Donation Scam | Champat Rai | Mahadangal:भंग होने जा रहा है पूरा राम मंदिर ट्रस्ट?
Ram Mandir Chori Update | Janhit: राम मंदिर Trust Meeting का अघोषित एजेंडा क्या है? | Ayodhya | SIT
Ayatollah Ali Khamenei Funeral | Last Journey | Trump | Iran: ताबूत में Khamenei, खौफ में Trump?
Khamenei Funeral: ईरान के 'सुप्रीम लीडर' का अंतिम सफर | Ali Khamenei Last Rites | Trump | Iran

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
30 दिन जेल में रहे तो जाएगी PM-CM की कुर्सी! मोदी सरकार के इस बिल से संसद के मानसून सत्र में मचेगा गदर
30 दिन जेल में रहे तो जाएगी PM-CM की कुर्सी! केंद्र के इस बिल से संसद के मानसून सत्र में मचेगा गदर
केतन अग्रवाल के दादा देवीचंद अग्रवाल का निधन, परिवार बोला- नहीं सह पाए पोते की मौत का सदमा
केतन अग्रवाल के दादा देवीचंद अग्रवाल का निधन, परिवार बोला- नहीं सह पाए पोते की मौत का सदमा
टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा पिटने वाले बॉलर्स, अर्शदीप सिंह और रवि बिश्नोई के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड
टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा पिटने वाले बॉलर्स, अर्शदीप सिंह और रवि बिश्नोई के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड
Saturday BO Collection: 100 करोड़ के पार पहुंची 'वेलकम टू द जंगल', 'अल्फा' ने भी दिखाया दम, जानें सैटरडे कलेक्शन
100 करोड़ के पार पहुंची 'वेलकम टू द जंगल', 'अल्फा' ने भी दिखाया दम, जानें सैटरडे कलेक्शन
‘आरोपियों को अपने किए पर बहुत पछतावा’, राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बड़ा खुलासा
‘आरोपियों को अपने किए पर बहुत पछतावा’, राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बड़ा खुलासा
'नई ऊंचाइयों पर जाएगी हमारी दोस्ती', अमेरिका की आजादी के 250 साल, PM मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को दी बधाई
'नई ऊंचाइयों पर जाएगी दोस्ती', अमेरिका की आजादी के 250 साल, PM मोदी ने ट्रंप को दी बधाई
फुल चार्ज पर 180 KM रेंज, भारत में लॉन्च हुआ ये स्कूटर, जानिए कितनी है कीमत और स्पीड?
फुल चार्ज पर 180 KM रेंज, भारत में लॉन्च हुआ ये स्कूटर, जानिए कितनी है कीमत और स्पीड?
सिर्फ तीन फीट का कद, लेकिन दुनिया से कहीं ऊंचा हौसला शिक्षक संजीव मजूमदार की प्रेरणादायक कहानी
सिर्फ तीन फीट का कद, लेकिन दुनिया से कहीं ऊंचा हौसला शिक्षक संजीव मजूमदार की प्रेरणादायक कहानी
Embed widget