राघव चड्डा ने किया 7 सांसदों के विलय का दावा, जानें क्या है पूरी प्रक्रिया और किसकी चाहिए इजाजत
पहले विलय करने वाली पार्टी के दो तिहाई सांसद राज्यसभा सचिवालय में विलय करने के लिए पत्र देते है. उसके बाद राज्यसभा चेयरमैन जिस पार्टी में सांसद विलय होना चाहते हैं उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष से विलय करने को लेकर सहमति लेते हैं.

आम आदमी पार्टी को राघव चड्ढा ने बड़ झटका देते हुए पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के बीजेपी जाने का दावा किया. इसके कुछ देर बाद ही राघव चड्ढा के साथ ही आप सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल को भी बीजेपी की सदस्यता दिलाई गई. राघव चड्ढा ने दावा किया कि आप के 10 में से सात सांसद टूटकर बीजेपी में विलय होने जा रहे है. ऐसे में आइये जानते हैं कि आखिर क्या है पार्टी विलय करने की प्रक्रिया-
कैसे होता है विलय?
पहले विलय करने वाली पार्टी के दो तिहाई सांसद राज्यसभा सचिवालय में विलय करने के लिए पत्र देते है. उसके बाद राज्यसभा चेयरमैन जिस पार्टी में सांसद विलय होना चाहते हैं उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष से विलय करने को लेकर सहमति लेते हैं.
सहमति मिलने के बाद राज्यसभा सचिवालय से एक नोटिफिकेशन जारी किया जाता है जिसमें पार्टी के विलय के बारे में बताया जाता है. यही कारण है बीजेपी अध्यक्ष ने सांसदों से अभी सिर्फ मुलाकात की है आधिकारिक तौर पर उनको पार्टी की सदस्यता की पर्ची नहीं थमाई है. क्योंकि राज्यसभा सचिवालय के नोटिफिकेशन के बाद ये सांसद अपने आप बीजेपी का हिस्सा बन जाएंगे.
बीजेपी ने दी विलय की सहमति
सूत्रों के मुताबिक सुबह 10 बजे तीनों सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल राज्यसभा सचिवालय गए और वहां जानकर 7 सांसदों के समर्थन वाली चिट्ठी सचिवालय में सौंपी. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी अध्यक्ष ने भी राज्यसभा सचिवालय को सातों सांसदों के बीजेपी में विलय होने की सहमति दे दी है.
अब जल्दी ही राज्यसभा सचिवालय से नोटिफिकेशन जारी करके विलय की घोषणा की जाएगी. आम आदमी पार्टी के हरभजन सिंह IPL कमेंट्री के चलते दिल्ली से बाहर हैं, 2 सांसद स्वास्थ्य कारणों से दिल्ली से बाहर हैं और स्वाति मालीवाल संसदीय समिति के दौरे के चलते दिल्ली से बाहर हैं. सभी संसद जल्दी ही बीजेपी नेतृत्व से मुलाकात करेंगे.























