मुंबई: कांग्रेस ने अनिल अंबानी और राफेल की तस्वीर लगा कर लिखा 'चोर'
राहुल गांधी अपने भाषणों में अनिल अंबानी का नाम लेते रहे हैं लेकिन अब कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर भी अनिल अंबानी को निशाना बनाना शुरू कर दिया है.

मुंबई: राफेल विवाद में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद भी कांग्रेस इसे लेकर जांच की मांग कर रही है. कांग्रेस लगातार इस मामले में जेपीसी जांच की मांग कर रही है. राफेल विवाद पर कांग्रेस की राष्ट्रीय स्तर से लेकर प्रदेश इकाई तक बीजेपी पर हमलावर हैं. राहुल गांधी अपने भाषणों में अनिल अंबानी का नाम लेते रहे हैं लेकिन अब कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर भी अनिल अंबानी को निशाना बनाना शुरू कर दिया है.
मुंबई में कांग्रेस ने अनिल अंबानी को निशाने पर लेते हुए विरोध प्रदर्शन किया. मुंबई के वेस्टर्न हाईवे पर सांताक्रूज में रिलायंस के ऑफिस पर 'विवादित पोस्टर' चिपकाए. इन पोस्टर में एक तरफ अनिल अंबानी का फोटो और दूसरी तरफ राफे विमान की फोटो थी. इस तस्वीर पर बड़े बड़े अक्षरों में लिखा था- 'राफेल चोर'. हालांकि इन पोस्टर्स को कंपनी के सिक्योरिटी गार्ड ने निकाल दिया.
फैसले में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार सरकार ने कहा है, ''हमने कोर्ट में बताया था कि CAG को प्राइसिंग के डिटेल दिए गए हैं और बताया है कि कैसे CAG, PAC को वह रिपोर्ट भेजता है और फिर PAC से वह पार्लियामेंट तक जाता है. जबकि कोर्ट ने उसको ऐसे समझा कि CAG को प्राइसिंग के रिपोर्ट दिए गए हैं और CAG ने वो रिपोर्ट PAC भेज दी है और PAC ने उसे पार्लियामेंट के टेबल पर रख दिया है. हम इसमें सुधार चाहते हैं.'' राफेल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला? सुप्रीम कोर्ट ने फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के मामले में नरेंद्र मोदी सरकार को शुक्रवार को क्लीन चिट दे दी. साथ ही इस सौदे में कथित अनियमितताओं के लिए सीबीआई को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का अनुरोध करने वाली सभी याचिकाओं को खारिज किया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अरबों डॉलर कीमत के राफेल सौदे में निर्णय लेने की प्रक्रिया पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसके सामने पेश किए गये दस्तावेज बताते हैं कि केंद्र सरकार ने राफेल लड़ाकू जेट के मूल्य निर्धारण ब्योरे से संसद को अवगत नहीं कराया, लेकिन उसने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) के सामने इसका खुलासा किया शीर्ष अदालत ने कहा कि कैग रिपोर्ट को संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) परख भी चुकी है.
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