पंजाब: अपनी मांगों को लेकर रेल पटरी पर बैठे किसानों ने खत्म किया आंदोलन
अदालत में याचिका दायर कर अमृतसर-दिल्ली रेल मार्ग पर पटरी पर बैठकर 'किसान मजदूर संघर्ष कमेटी' के बैनर तले आंदोलन कर रहे किसानों को हटाने अनुरोध किया गया था.

चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के दखल के बाद अमृतसर-दिल्ली रेल मार्ग के बीच रेल पटरी पर दो दिन से धरने पर बैठे किसानों ने बुधवार को अपना आंदोलन खत्म कर दिया. अदालत ने राज्य सरकार को उनकी मांगों पर गौर करने का निर्देश दिया है. पटियाला के रहने वाले मोहित कपूर की जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू करते हुए चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस अरुण पल्ली की अदालत ने किसानों के नेताओं को 24 घंटे के अंदर पंजाब के महाधिवक्ता को अपनी मांगें सौंपने का निर्देश दिया और मामले में अगली सुनवाई के लिये 19 मार्च की तारीख तय की.
मंगलवार को अदालत में याचिका दायर कर अमृतसर-दिल्ली रेल मार्ग पर पटरी पर बैठकर 'किसान मजदूर संघर्ष कमेटी' के बैनर तले आंदोलन कर रहे किसानों को हटाने अनुरोध किया गया था. याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील अरुण गुप्ता ने कहा, ''राज्य सरकार को किसानों की मांगों पर गौर करने और 10 दिन के अंदर अपनी स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया है.''
अदालत ने प्रदर्शन खत्म करने को कहा बंद कमरे में सुनवाई के दौरान अदालत ने पहले किसानों के नेताओं की मांगें सुनीं और पहले उन्हें अपना प्रदर्शन खत्म करने और रेल की सभी पटरियों को खाली करने को कहा. किसानों के नेताओं की ओर से पेश हुए वकील मोहिंदर कुमार ने बताया कि अदालत ने उनसे कहा कि उनकी जायज और सही मांगों पर गौर किया जायेगा और उन्हें पूरा किया जाये.
किसानों के तीन प्रतिनिधि अदालत के समक्ष पेश हुए प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सतनाम सिंह पन्नू सहित किसानों के तीन प्रतिनिधि बुधवार को अदालत के समक्ष पेश हुए. उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया कि वे दोपहर साढ़े 12 बजे तक मार्ग को खाली कर देंगे. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) परमपाल सिंह ने बताया कि किसानों ने दो दिन बाद अपना प्रदर्शन खत्म कर लिया.
ये थी किसानों की मांगें किसान अपनी मांगों को लेकर चार मार्च को अमृतसर में अमृतसर-दिल्ली मार्ग पर रेल पटरी पर धरने पर बैठे थे. उनकी मांगों में पूर्ण कर्जमाफी, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करना, जमीन अधिग्रहण और किसानों की गिरफ्तारी पर रोक और मिलों द्वारा खरीदी गयी गन्ने की फसल के लिये 15 फीसदी ब्याज के साथ भुगतान शामिल है.
मंगलवार को पंजाब के महाधिवक्ता अतुल नंदा ने अदालत को बताया कि प्रदर्शन के कारण करीब 85 ट्रेनों को रद्द या उनका मार्ग परिवर्तित किया गया और इसके कारण करीब 85,000 यात्री प्रभावित हुए. रेलवे ने बताया कि बुधवार को 38 ट्रेनें रद्द की गयीं.
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