(Source: ECI/ABP News)
खालिस्तान समर्थक समूह सिख फॉर जस्टिस पर मोदी सरकार ने लगाया बैन
‘द सिख फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) पर बैन के फैसले का पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्वागत किया है. भारत सरकार ने एसएफजे पर पांच साल का प्रतिबंध लगाया है.

नई दिल्ली: खालिस्तान समर्थक समूह ‘द सिख फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) पर मोदी सरकार ने पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है. एलएफजे पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एसएफजे को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत गैरकानूनी घोषित किया गया.
इस संबंध में एक अन्य अधिकारी ने कहा कि एलएफजे खुलेआम खालिस्तान का समर्थन करता है और इस तरह भारत की सम्प्रभुता और अखंडता को चुनौती देता है.
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार के फैसले पर कहा कि सिख फॉर जस्टिस जैसे गैरकानूनी संगठन को बैन करके भारत ने आईएसआई के इशारे पर काम करने वाले द्रोहियों और अलगाववादियों के खिलाफ अपनी मंशा साफ कर दी है.
Punjab CMO: CM Captain Amarinder Singh has hailed the Govt of India’s decision to ban Sikhs for Justice (SFJ) as an unlawful association, describing it as the first step towards protecting the nation from the anti-India/secessionist designs of ISI-backed organisation. (File pic) pic.twitter.com/aMydtRhqav
— ANI (@ANI) July 10, 2019
अमेरिका स्थित सिख फॉर जस्टिस संगठन अवैध तरीके से अपनी गतिविधियां चला रहा है, जिससे पंजाब में हालात बिगड़ रहे हैं. गुरपतवंत सिंह पन्नू और परमजीत सिंह इस संगठन के प्रमुख लोगों में शामिल हैं, जो अपनी गतिविधियां चला रहे हैं.
प्रतिबंधित करने का फैसला सरकार ने कई सिख संगठनों की राय के बाद लिया है. ये संगठन रेफरेंडम ट्वंटी ट्वंटी चला रहा था. एलएफजे पर अब तक 11 मामले भारतीय एजेंसियों ने दर्ज किए हैं.
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