तेजस्वी यादव को लेकर प्रशांत किशोर ने किया बड़ा दावा, बोले- मैं मंजूरी नहीं देता तो नीतीश सरकार में...
Prashant Kishor on Bihar Politics: प्रशांत किशोर ने दावा किया कि 2015 में उनकी सहमति न होती, तो तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम नहीं बन पाते. उन्होंने कहा कि वह सामाजिक-राजनीतिक बदलाव के लिए आए हैं.

बिहार इस समय चुनावी माहौल चुनावी सरगर्मी तेज है. सभी सियासी दल पूरी ताकत झोंक रहे हैं. इसी बीच जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने दावा किया कि 2015 में उनकी सहमति न होती, तो तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री नहीं बन पाते. प्रशांत किशोर ने कहा कि 2015 में जब कैबिनेट बना था, तो जिन नामों का उन्होंने विरोध किया, वे मंत्री नहीं बन पाए. उस समय फैसले वही कर रहे थे.
मंत्री बनने की महत्वाकांक्षा नहीं
इंडिया टुडे की एक खबर के मुताबिक, उन्होंने कहा कि अगर उन्हें मंत्री बनना होता, तो उस समय ही सरकार में शामिल हो जाते. लेकिन उनका उद्देश्य MLA या मंत्री बनना नहीं, बल्कि बिहार में सामाजिक-राजनीतिक बदलाव लाना है.
तेजस्वी और नीतीश पर हमला
प्रशांत किशोर ने कहा कि जिस दिन तेजस्वी यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया गया, उसी दिन नीतीश कुमार को उनमें विकास पुरुष दिखने लगा. शराबबंदी और अन्य मुद्दे गायब हो गए और उन्हें बिहार “स्कॉटलैंड” जैसा लगने लगा. उन्होंने तेजस्वी पर तंज कसते हुए कहा कि उनका मकसद सिर्फ MLA और मंत्री बनना है.
प्रशांत किशोर का बड़ा चुनावी वादा
मुजफ्फरपुर में चुनावी जनसभा के दौरान जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जनता से वादा किया कि अगर उनकी सरकार बनी, तो दिसंबर 2025 से 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को 2000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी. साथ ही 15 साल से कम उम्र के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने की फीस सरकार भरेगी, ताकि गरीब का बच्चा भी अंग्रेजी मीडियम स्कूल में पढ़ सके.
बिहार में युवाओं के लिए रोजगार योजना
प्रशांत किशोर ने यह भी घोषणा की कि बिहार के 50 लाख युवाओं को वापस बुलाकर उन्हें राज्य में ही 10-12 हजार रुपये मासिक मजदूरी के साथ रोजगार दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस साल बिहार की बदहाली की आखिरी दिवाली और छठ होगी और युवाओं को बाहर नौकरी के लिए घर-परिवार छोड़ना नहीं पड़ेगा.



















