मार्च 2018 के आंदोलन में कोई ‘केजरीवाल’ नहीं होगा पैदा: अन्ना हजारे
साल 2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके आंदोलन के बाद अरविंद केजरीवाल ने जब आम आदमी पार्टी बना ली तो उन्होंने उनसे कोई वास्ता नहीं रखा

आगरा: समाजसेवी अन्ना हजारे ने मंगलवार को कहा कि साल 2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके आंदोलन के बाद अरविंद केजरीवाल ने जब आम आदमी पार्टी बना ली तो उन्होंने उनसे कोई वास्ता नहीं रखा. उन्होंने कहा कि 23 मार्च 2018 से वह एक और आंदोलन शुरू करने वाले हैं और उम्मीद करते हैं कि इससे कोई नया ‘केजरीवाल’ पैदा नहीं होगा.
बता दें कि साल 2011 में दिल्ली के रामलिला मैदान में समाजसेवी अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन किया था. तत्कालीन यूपीए सराकर को बैक्फुट पर धकेलने के बाद आंदोन के कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी बनाने का फैसला किया था. इसे देखते हुए इस बार अन्ना हजारे ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि मार्च 2018 के आंदोलन में कोई ‘केजरीवाल’ पैदा नहीं होगा.
उन्होंने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 23 मार्च 2018 से दिल्ली के रामलीला मैदान में होने जा रहे तीन सूत्रीय आंदोलन में लोकपाल की नियुक्ति, किसानों की समस्या, चुनाव सुधार को लेकर जनता में जागरूकता पैदा करने का लक्ष्य है.
उन्होंने कहा कि अब जो भी कार्यकर्ता आंदोलन के दौरान उनसे मिलेंगे स्टाम्प पेपर पर लिखकर देंगे कि वह कोई पार्टी नहीं बनायेंगे. साथ ही उन्होंने घोषणा की कि वह न तो किसी पार्टी का समर्थन करेंगे और ना ही किसी पार्टी से किसी को चुनाव लड़वाएंगे.
जीएसटी और नोटबंदी पर उन्होंने कहा कि सरकार का कहना कि बैंकों का 99 प्रतिशत पैसा जमा हो गया है तो कालाधन कहां गया. उन्होंने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि मोदी ने कहा कि 30 दिन के अंदर कालाधन वापस देश में आएगा और हर आदमी के खाते में 15-15 लाख रुपये होंगे, लेकिन किसी के खाते में 15 रुपये तक नहीं आये.
Source: IOCL

























